5 करोड़ की लूट : बिहार-झारखंड में ताबड़तोड़ छापेमारी, सैंकड़ों CCTV खंगाल चुकी है पुलिस, जानिये क्या है पूरा मामला

गिरिडीह। पांच करोड़ के लूट मामले में पुलिस के हाथ खाली है। हालांकि लूटकांड को लेकर बनी टीम अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस ने बिहार और झारखंड के कई जगहों पर छापेमारी की है। बरही और धनबाद के कई जगहों पर छापा मारा गया है, हालांकि अभी तक इस मामले में कुछ हाथ नहीं लगा है। हालांकि पुलिस को कुछ सुराग जरूर हासिल हुए हैं।
पुलिस लूट की रकम, लूट के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को भी बरामद करने में जुटी है। छापेमारी के दौरान कुछ संदिग्ध को हिरासत में भी लेने की खबर है। आपको बता दें कि एसपी अमित रेणू ने घटना को लेकर तुरंत ही एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो की अगुवाई के विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। इस जांच दल में इंस्पेक्टर से लेकर थानेदार व टेक्निकल टीम को शामिल किया गया है। टीम बिहार, बंगाल व गुजरात तक पहुंची. 15 दिनों तक कड़ी मशक्कत करने के बाद टीम को महत्वपूर्ण लीड मिल ही गई। कहा जा रहा है कि जल्द ही पुलिस इस मामले का खुलासा कर देगी।
ये है पूरा मामला
इस घटना को लेकर जमुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस प्राथमिकी में गुजरात निवासी मयूर सिंह ने बताया है कि वह गुजरात में बतौर टेक्निशियन काम करता है। एक दिन उसका परिचित गोविन्द सिंह सोलंकी मिला और बेहतर काम दिलवाने का भरोसा दिलवाया। गोविन्द ने उसे गुजरात से दिल्ली फिर दिल्ली से कानपुर जाने को कहा। वह कानपुर पहुंचा तो यहां करण भाई नामक व्यक्ति ने उसे रिसीव किया। वहां पर तीन दिन रुकने के बाद गुजरात के ही जगत सिंह जडेजा ऊर्फ जगत भाई एक कार लेकर आए। उन्हें उस गाड़ी में बैठाकर पटना स्थित डीवाई कंपनी ले आया। यहां पर बताया गया कि इस गाड़ी से पांच करोड़ रुपया लेकर कोलकाता जाना है। रुपया को गाड़ी के अंदर बने एक बॉक्स में रख दिया गया। 20 जून की शाम 8-9 बजे के बीच कोलकाता के लिए वह निकल गया। 21 जून की रात लगभग 1.30 बजे वे लोग जमुआ थाना इलाके के टीकामगहा पहुंचे। जहां पेट्रोल पंप में तेल भरवाया। इसके बाद अभी आगे बढे थे कि बाटी गांव के पास ओवरटेक कर एक स्कार्पियो ने उसकी गाड़ी को रुकवाया। स्कार्पियो से पांच आदमी उतरे और उसके वाहन का दरवाजा खुलवाया। वाहन का चाबी निकाल लिया। इसके बाद उसे तथा जगत सिंह संग मारपीट कर दोनों को स्कार्पियो वाहन पर बैठा लिया गया। यहां के बाद उनके वाहन को अपराधियों में से ही एक व्यक्ति चलाने लगा. जबकि दोनों का मोबाइल लेकर स्कार्पियो को कच्ची रास्ता में ले गया। थोड़ी देर बाद अपराधियों ने उन्हें स्कार्पियो से भी उतार दिया। जिसके बाद अपराधी वाहन लेकर चले गए। इसके बाद दोनों पैदल ही भटकते-भटकते सुबह पांच बजे पक्की सड़क पर पहुंचे। जहां पर एक होटल के पास उन्हें अपना वाहन दिखा। लेकिन जब वे अपने साथी के साथ वाहन के समीप पहुंचे तो देखा कि गाड़ी के अंदर बना बॉक्स टूटा हुआ है और पांच करोड़ गायब है। पीड़ित का कहना है कि जिस वाहन पर आये अपराधियों ने लूट की है उस वाहन का नंबर बीआर – 7230 लिखा हुआ था।











