स्कूल की जगह क्यों बदली? हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जतायी नाराजगी, कहा, क्या कोर्ट के आदेश से ऊपर है सरकार !

रांची। एकलव्य स्कूल की जगह बदले जाने को लेकर कोर्ट ने नाराजगी जतायी है। हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल पूछा, कि क्या सरकार कोर्ट के आदेश से ऊरपर है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया था कि स्कूल वहीं बनेगा, जहां इसका शिलान्यास हुआ था, फिर जगह बदलने का औचित्य क्या है। राज्य सरकार ने यथास्थिति बरकरार क्यों नहीं रखी। क्या सरकार कोर्ट के आदेश से ऊपर है। अब अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
दरअसल मांडर के चान्हो में एकलव्य स्कूल बनना था, लेकिन उसकी जगह बदल दी गयी। चान्हो में एकलव्य स्कूल बनाने के लिए राज्य सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी थी, जबकि केंद्र ने 5.23 करोड़ रुपए दिए थे। गोपाल भगत की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया।
कोर्ट ने कहा-ऐसा प्रतीत होता है कि कोर्ट के समय को जान-बूझकर बर्बाद किया जा रहा है।याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि 9 दिसंबर 2022 को हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में शिलान्यास वाली जगह ही एकलव्य स्कूल बनाने का आदेश था। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश में फेरबदल करने से इनकार कर दिया था।











