इंजीनियर की पत्नी 10-10 कंपनी की डायरेक्टर बन जाये, स्टील प्लांट, सीमेंट प्लांट चलाने लगे तो छापा पड़ेगा ही, निशिकांत ने खोली सुनील को पोल

If the engineer's wife becomes the director of a 10-10 company, starts running a steel plant, a cement plant, then there will be a raid, Nishikant exposes Sunil

Sunil Shirivastav: दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के सलाहकार सुनील श्रीवास्तव के ठिकानों पर हुई छापेमारी का राज खुलेगा तो राजनीति में भूचाल आ जायेगा। कई ऐसे राज से पर्दा उठेगा, जिससे कई सियासतदार बेनकाब हो जायेंगे। हालांकि अभी तक छापेमारी की डिटेल नहीं आयी है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज है। इन सबके बीच लोग सुनील श्रीवास्तव के बारे में भी जानना चाहते हैं।

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का दावा है कि एक इंजीनियर के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निजी सलाहकार व निज सचिव बनते ही अगर उसकी पत्नी 10-10 कंपनी की डायरेक्टर बन जाये और कंपनियों का संचालन करने लगे, तो इनकम टैक्स की छापेमारी तो जरूर होगी। सुनील श्रीवास्तव के रांची के ही 5 से 5 ठिकानों पर आयकर विभाग ने रेड डाली और सुनील श्रीवास्तव के करीबियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। रांची के अशोकनगर के अतिरिक्त कई अन्य परिसरों में आईटी की टीम पहुंची. वहीं, रांची के अतिरिक्त जमशेदपुर के कई लोकेशंस पर भी आयकर विभाग ने कार्रवाई की।

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कौन हैं सुनील श्रीवास्तव

सुनील कुमार श्रीवास्तव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निजी सचिव के तौर अधिकारिक रूप से पहचाने जाते हैं। बताया जाता है कि ये हेमंत सोरेन के काफी करीबी हैं और एक दशक से भी अधिक समय से उनके साथ रह रहे हैं। सीएम हेमंत सोरेन के निजी सचिव सुनील श्रीवास्तव इसके पहले पेशे से इंजीनियर थे। इसके बाद वह फिर हेमंत सोरेन के साथ जुड़ गए इसके बाद निजी सलाहकार के रूप में हेमंत सोरेन के साथ हैं। यह भी जानकारी मिली है कि सुनील श्रीवास्तव झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी के केंद्रीय समिति के सदस्य और पार्टी के स्टार प्रचारक भी हैं।बताया जाता है कि सुनील श्रीवास्तव झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के अधिकतर बड़े नेताओं के बेहद करीबी हैं।

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इंजीनियर थे सुनील श्रीवास्तव

इधर गोड्डा के सांसद सुनील श्रीवास्तव का परिचय देते हुए कहते हैं, कि सुनील श्रीवास्तव एक मामूली इंजीनियर थे। पांच साल में अचानक से ऐसा हो गया, कि उनकी पत्नी 10 कंपनियों की डायरेक्टर बन गयी। एक एक्जेकेटिव इंजीनियर की पत्नी 5 साल में स्टील प्लांट चलाने लगी। वो सीमेंट प्लांट और स्पंज आयरन प्लांट चलाने लगी। वो कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए कांट्रेक्ट भी लेती है। 10 कंपनियों में अगर उनकी पत्नी डायरेक्टर है, तो इनकम टैक्स छापा तो पड़ेगा ही। रांची से लेकर जमशेदपुर तक छापा पड़ रहा है। एक बार छापा पड़ जाने दीजिये फिर पता चलेगा। निशिकांत दुबे ने कहा है कि एक जूनियर इंजीनियर के यहाँ इनकम टैक्स का छापा झामुमो सरकार को क्यों परेशान कर रहा है । दाल में केवल काला ही काला है । भ्रष्टाचार की सभी सीमा को पार करने का नाम हेमंत सरकार है

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