सदन में मचा हंगामा : राहुल गांधी के भाषण की 10 बड़ी बातें…संविधान से लेकर मोदी पर हमला

Rahul Gandhi Lok Sabha Speech: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार (14 दिसंबर) को भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर चर्चा के दौरान प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कई ऐसी बातें कही, जिसने हंगामा खड़ा कर दिया. राहुल गांधी ने जिस तरह से बीजेपी पर तीखा हमला बोला है, उससे ये तो साफ है कि वो अपना आक्रमक रवैया बरकरार रखने वाले हैं, लेकिन बीजेपी भी राहुल गांधी के बयानों पर चुप नहीं रहने वाली, ये भी आज के हंगामे से साफ हो गया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में संविधान पर बोलते हुए बीजेपी को निशाने पर लिया. उन्होंने बीजेपी के विचार पुरुष माने जाने वाले विनायक दामोदर सावरकर के लेखन का हवाला देते हुए मोदी सरकार को घेरा. इसके अलावा राहुल गांधी ने  कहा, “हम 50% आरक्षण की दीवार को तोड़ देंगे और जाति जनगणना कराएंगे. आप जो चाहें कह सकते हैं.

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राहुल गांधी के भाषण की 10 बड़ी बातें

1- राहुल गांधी ने कहा,”सावरकार ने लिखा है कि भारत के संविधान के बारे में सबसे ख़राब चीज ये है कि इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है. वेदों के बाद मनुस्मृति वो धार्मिक ग्रंथ है जो हमारे हिंदू राष्ट्र के लिए सबसे पूजनीय है. और ये प्राचीन समय से हमारी संस्कृति,रीति-रिवाज,विचार और व्यवहार का आधार बना हुआ है. इस किताब ने सदियों से जारी हमारे देश की आध्यात्मिक और दैवीय यात्रा को संहिताबद्ध किया है. आज मनुस्मृति कानून है. ये सावरकर के शब्द हैं.’’

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2-राहुल गांधी ने कहा, ” सावरकर ने अपने लेखन में साफ कर दिया है कि हमारे संविधान में भारतीयता का कोई अंश नहीं है. उन्होंने कहा है कि भारत को इस किताब (संविधान) से नहीं बल्कि इस किताब (मनुस्मृति) से चलाया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, ” आज इसी की लड़ाई है.

3- विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “…मैं आपसे (सत्ता पक्ष) से पूछना चाहता हूं, क्या आप अपने नेता के शब्दों पर कायम हैं? क्या आप अपने नेता के शब्दों का समर्थन करते हैं? क्योंकि जब आप संसद में संविधान की रक्षा के बारे में बोलते हैं, तो आप सावरकर का उपहास कर रहे होते हैं, आप सावरकर को गाली दे रहे होते हैं, आप सावरकर को बदनाम कर रहे होते हैं.

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4-राहुल गांधी ने कहा, “…अंबेडकर जी ने कहा था – ‘अगर राजनीतिक समानता है लेकिन सामाजिक और आर्थिक समानता नहीं है, तो राजनीतिक समानता नष्ट हो जाएगी’, ये अंबेडकर जी के शब्द हैं. आज ये सबके सामने है.राजनीतिक समानता खत्म हो गई है. भारत की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया है, सामाजिक समानता नहीं है, आर्थिक समानता नहीं है, इसलिए हमारा अगला कदम जाति जनगणना होगी.

5-विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “…हम यहां जाति जनगणना लागू करेंगे और उसके बाद हिंदुस्तान में एक नए तरह का विकास, एक नई तरह की राजनीति होगी… हम यहां 50% आरक्षण की दीवार को तोड़ेंगे और हम यहां जाति जनगणना कराएंगे.

6-लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “यह अभयमुद्रा है. आत्मविश्वास, शक्ति और निर्भयता कौशल से, अंगूठे से आती है. बीजेपी के लोग इसके खिलाफ हैं.

7- लोकसभा में अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित ‘एकलव्य’ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत में एक युद्ध चल रहा है, और ‘एकलव्य’ की कहानी सुनाई, जिसने गुरु द्रोणाचार्य को श्रद्धांजलि के रूप में अपना अंगूठा बलिदान कर दिया था.

8-कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि “जब आपने अग्निवीर को लागू किया, तो आपने युवाओं के अंगूठे काट लिए. जब ​​आपके पास पेपर लीक होते हैं – आपके पास 70 पेपर लीक थे, तो आपने भारत के युवाओं के अंगूठे काट लिए.

9- कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आज, आपने दिल्ली के बाहर किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे, आपने किसानों पर लाठीचार्ज किया. “किसान आपसे एमएसपी की मांग करते हैं. वे उचित मूल्य की मांग करते हैं. लेकिन आप अडानी, अंबानी को मुनाफा देते हैं और किसानों के अंगूठे काट देते हैं. हम अभयमुद्रा कहते हैं, हम “डरो मत” कहते हैं. आप कहते हैं, “हम आपका अंगूठा काट देंगे.” यही अंतर है.

10-लोकसभा नेता राहुल गांधी ने कहा, “संविधान में धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाने का उल्लेख है…कुछ दिन पहले, संभल के युवा मुझसे मिलने आए थे. 5 निर्दोष लोगों, जिन्होंने कुछ भी नहीं किया था और पास में ही थे, को गोली मार दी गई. यह संविधान में कहां लिखा है?…आप जहां भी जाते हैं, आप एक धर्म को दूसरे के खिलाफ खड़ा करते हैं. आप नफरत फैलाते हैं। संविधान में कहां लिखा है कि एक धर्म को दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जाना चाहिए, कि एक दलित परिवार को बंद कर दिया जाना चाहिए और अपराधियों को खुलेआम घूमने की इजाजत दी जानी चाहिए? यह संविधान में कहां लिखा है? मुझे दिखाओ.

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