झारखंड कैबिनेट में फेरबदल ? … हेमंत सोरेन हैं दिल्ली में और इधर, मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलों ने पकड़ा जोर… कांग्रेस कोटे के 2 से 3 मंत्रियों के रिप्लेस होने की चर्चा …

रांची। झारखंड में मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें लग रही है। हालांकि इस मामले में कोई कुछ बोल तो नहीं रहा है, लेकिन सरकार के अंदर बाहर से मिल रहे संकेत बता रहे हैं कि जल्द ही हेमंत केबिनेट का चेहरा बदल सकता है। कांग्रेस कोटे से मंत्रियों के चेहरे बदलने की पूरजोर संभावना जतायी जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तो नीति आयोग की बैठक के सिलसिले में दिल्ली गये हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वो इस दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं।

कांग्रेस के तीन विधायकों की गिरफ्तारी और तख्तापलट की साजिश के बीच झारखंड में गहराते सियासी संकट को लेकर दिल्ली में चर्चा हो सकती है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि अभी मुलाकात का कोई वक्त ना तो मांगा गया है और ना ऐसी कोई बैठक प्रस्तावित है, बावजूद झारखंड में सियासत गर्म है।

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अगर कैबिनेट को देखें तो झारखंड में अभी कांग्रेस के कोटे से चार मंत्री है। ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख अभी कांग्रेस के कोटे से हेमंत कैबिनेट का हिस्सा है। चर्चा है कि इसमें से 2 या 3 मंत्री के चेहरे बदल सकते हैं। हालांकि इस फैसले से पूर्व हेमंत सोरेने कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करेंगे। पार्टी की तरफ से कोई अधिकृत बयान तो नहीं आया है, लेकिन आज हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे पर कई लोगों की नजर है।

जो खबरें आ रही है उसके मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की स्थिति अभी मंत्रिमंडल में सबसे कमजोर है। पिछले दिनों कांग्रेस महासम्मेलन में “हेमंत सोरेन कांग्रेस का झारखंड में नामों निशान” मिटाने पर तुले हैं, का आरोप लगा चुके हैं। हालांकि इस मामले मे जेएमएम की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी थी।

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वहीं आलमगीर आलगम, बादल पत्रलेख और रामेश्वर उरांव से कांग्रेस के कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं। कार्यकर्ता खुद की उपेक्षा का आरोप गाहे बगाहे लगाते रहे हैं। हालांकि आलमगीर आलम फिलहाल हेमंत सोरेन के ज्यादा विश्वास पत्र हैं, लिहाजा आलमगीर आलम के लिए कोई खतरा नहीं दिखता है। वहीं रामेश्वर और बादल पत्रलेख को लेकर खुलकर कोई बातें तो नहीं की गयी है, लेकिन अगर एक को बदलने की बात आयी तो बन्ना गुप्ता, दो को बदलने आयी रामेश्वर उरांव और बन्ना गुप्ता और तीन को बदलने की बात आयी तो रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख का नाम आ सकता है। हालांकि अभी ये सिर्फ कयासों में है, इसे लेकर कुछ भी बातें अधिकृत रूप से सामने नहीं आयी है।

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