सड़क दुर्घटना पीड़ितों को देश भर में मिलेगा कैशलेस इलाज: नितिन गडकरी

भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार, 7 जनवरी 2025 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मार्च 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के लिए एक नई और संशोधित कैशलेस उपचार योजना पेश करेगी. इस योजना के तहत, दुर्घटना में घायल व्यक्ति को हर दुर्घटना में अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का उपचार मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा.

सात दिन तक मुफ्त इलाज

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नितिन गडकरी ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह योजना मोटर वाहनों द्वारा होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं के लिए लागू होगी, चाहे वह किसी भी प्रकार के मार्ग पर हुई हो. इस योजना के तहत, दुर्घटना के शिकार लोगों को सात दिन तक मुफ्त इलाज मिलेगा, और यह सुविधा देशभर में उपलब्ध कराई जाएगी.राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) इस योजना का कार्यान्वयन करेगा, जिसमें पुलिस, अस्पतालों और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा. योजना को एक IT प्लेटफार्म के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिसमें मंत्रालय के eDAR और NHA के लेनदेन प्रबंधन प्रणाली की कार्यक्षमता का संयोजन होगा.

योजना के प्रमुख बिंदु
गडकरी के अनुसार, इस योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के सात दिन के भीतर 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. यह रकम दुर्घटना के एक व्यक्ति के लिए अधिकतम सीमा होगी. इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर और त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना है, खासकर “गोल्डन आवर” के दौरान, जो दुर्घटना के बाद बचाव और उपचार के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण समय होता है.

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पिछले प्रयास और योजनाओं की सफलता
गडकरी ने मार्च 2024 में चंडीगढ़ में इस कैशलेस उपचार योजना का एक पायलट प्रोग्राम शुरू किया था, जो बाद में छह राज्यों में विस्तारित किया गया. इस योजना का उद्देश्य एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना था, जो दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करे और उनकी जान बचाई जा सके. इस पहल की सफलता ने सरकार को इसे पूरे देश में लागू करने का फैसला लेने के लिए प्रेरित किया.

भविष्य में होने वाले सुधार
नितिन गडकरी ने आगे बताया कि सरकार वाणिज्यिक चालकों के लिए कामकाजी घंटे तय करने के लिए श्रम कानूनों का अध्ययन कर रही है, क्योंकि चालक की थकान के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है. इसके अलावा, सड़क परिवहन मंत्री ने ड्राइवर प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की, जो पूरे भारत में स्थापित किए जाएंगे. इन संस्थानों को स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा, साथ ही ATS और DTI के संयुक्त ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा.

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