झारखंड में दवाओं को खेला: अस्पतालों में मरीजों को मिलती नहीं दवाएं, यहां सड़क किनारे फेंकी जा रही दवाईयां, सिविल सर्जन खुद ही पहुंच गये जांच करने, दो दिन में मांगी रिपोर्ट

Medicines scam in Jharkhand: Patients do not get medicines in hospitals, medicines are being thrown on the roadside here, civil surgeon himself reached to investigate, asked for report in two days

Jharkhand News : एक तरफ मरीजों को अस्पतालों में दवाएं मिलती नहीं है, दूसरी तरफ दवाओं को खुले में फेंका जा रहा है। सड़क किनारे खुले में सरकारी दवाईयों को फेंके जाने का मामला सामने आया है। ये पूरा मामला गढ़वा जिले का है। जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास सरकारी दवाइयां फेंकी गईं थी।

 

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इस मामले की जांच के लिए खुद सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने जांच के दौरान पाया कि इन दवाइयों में अल्बेन्डाजोल और फोलिक एसिड टैबलेट शामिल हैं, जो सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत वितरित की जानी थी। हालांकि अल्बेंडाजोल तो एक्सापायर हो गयी थी, लेकिन फोलिक एसिड की टेबलेट अगस्त 2025 में एक्सपायर होनी थी।

 

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सूचना मिलने पर गढ़वा जिले के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।बैच नंबर के मिलान से पता चला कि जो दवाएं फेंकी गयी है वो रंका स्वास्थ्य केंद्र को दी गयी थी। लिहाजा, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने रंका अस्पताल का निरीक्षण किया और दवाइयों के बारे में जानकारी ली।

 

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इस मामले में सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने जांच टीम गठित की है। दो दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गयी है। सिविल सर्जन ने कहा है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

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