“तंबाकू सेवन के दुष्परिणाम और टीबी बीमारी से संबंध” विषय पर सीएस डा साहिर पाल की अध्यक्षता में प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन..

जमशेदपुर सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल के अध्यक्षता में CHO क्लास रूम, सदर अस्पताल में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम पर तम्बाकू उपयोग से टीबी के बीमारी से बचने के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में टीबी विभाग के STS, STLS तथा BTT ने भाग लिए। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन ने सभी भाग लेने वाले प्रशिक्षु को तंबाकू जनित दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता के लिए जानकारी साझा करते हुए किए।
जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ मृत्युंजय धावरिया ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति ज्यादा खांस रहा है या उसे बेचैनी महसूस हो रहा है तो टीवी के लक्षण का अंदेशा रहता है।उससे यह पता लगाएं कि तंबाकू सेवन कर रहा हो तो उसे तंबाकू सिशेषण सेंटर भेजें ताकि उसे निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी के द्वारा ठीक किया जा सके। वहीं पर शिक्षक के रूप में दीपक कुमार गिरी ने बताया कि तंबाकू एवं नशा से उत्पन्न विभिन्न प्रकार समस्याओं ,मानसिक, सामाजिक के ऊपर चर्चा कर अपनी जानकारी साझा किए।

वही द्वितीय प्रशिक्षक के रूप में डॉक्टर मोहम्मद असद ने बताया कि कि भारत में तंबाकू कैसे आया और किस प्रकार से फैला है और आज एक मुसीबत का कारण बन गया है। जिससे हर साल 13 लाख से भी ज्यादा लोगों की मृत्यु होती है। जिला परामर्शी मौसमी चटर्जी ने सभी प्रशिक्षुओं को विस्तृत जानकारी साझा कर अपने-अपने क्षेत्रों में काम करने के लिए उत्प्रेरित किये। वही कार्यक्रम के कुंदन कुमार ने बताया की तंबाकू की लत से बच्चों को दूर रहने के लिए विभिन्न प्रकार के जानकारी वीडियो के माध्यम से साझा किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तंबाकू यूज होने से टीवी के मरीज बन सकते हैं उन्हें बचाना।











