अबुआ आवास: तीन कमरे वाला घर देने की प्रक्रिया शुरू, सरकार ने जारी किया निर्देश

रांची। हेमंत सरकार की तरफ से बेघर को घर देने की योजना में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने सभी जिलों के डीसी और डीडीसी को पत्र जारी किया है।
क्या है अबुआ आवास
राज्य सरकार के स्तर से तीन कमरोंवाला घर (रसोई, शौचालय सहित) बेघरों को देने की प्रक्रिया अबुआ आवास के जरिये शुरू हुई है. सरकार का लक्ष्य 2026 तक सभी बेघरों को घर की सुविधा उपलब्ध कराने की है. अबुआ आवास का क्षेत्रफल 31 वर्गमीटर का होगा. 2023-24 में दो लाख, 2024-25 में तीन लाख 50 हजार और 2025-26 में 2 लाख 50 हजार पक्का आवास का निर्माण कराने का प्रयास सरकार का है. इस पर 16 हजार 320 करोड़ रुपये की लागत आनी है.
क्या है निर्देश
राज्य में संचालित अबुआ आवास योजना (AAY) के लिए छूटे हुए आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री 9 जनवरी तक होगी. इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव चंद्रशेखर ने सभी जिलों के डीसी, डीडीसी को लेटर लिखा है. इसमें कहा है कि अलग-अलग स्रोतों के जरिये यह सूचना मिल रही है कि कतिपय जिलों में अबुआ आवास योजना अंतर्गत अनेक लाभुकों के आवेदन की ऑनलाईन प्रविष्टि प्रखंड, पंचायत स्तर पर अबतक लंबित है.
इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए अंतिम अवसर के तौर पर 8 और 9 जनवरी 2024 तक अबुआ आवास योजना के लाभुकों द्वारा समर्पित लंबित आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री की जाये. इस अवधि के बाद भी यदि प्रखंड, पंचायत स्तर पर आवेदन लंबित रहे तो इससे संबंधित दोषी पदाधिकारी, कर्मी, पंचायत प्रतिनिधि को चिन्हित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाये.
क्या है सरकार का लक्ष्य
पूर्व में इस योजना का लाभ लेने को आपके द्वार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डिमांड आयी थी. प्राप्त आवेदनों को अपलोड करने को दिसंबर 2023 तक का समय निर्धारित किया गया था. ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तय किये गये कार्यक्रम के मुताबिक आवेदनों का सत्यापन 31 दिसंबर तक कर भी लेना था.
साथ ही लाभुकों के चयन को अंतिम रूप देने को 4 जनवरी 2024 तक विशेष ग्राम सभा करने को कहा गया था. ग्राम सभा से पारित सूची का प्रकाशन 8 जनवरी तक तय किया गया था. प्राप्त आपत्ति और त्रुटि का निराकरण 5-18 जनवरी तक करने के बाद लाभुकों को पहली किस्त की राशि 24-31 जनवरी के बीच दिये जाने का कार्यक्रम रखा गया है. मालूम हो की इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए है।












