हिंदी के पेपर में पूछा, रस के प्रकार बताओ? परीक्षार्थी ने लिखा- गन्ने का रस, आम का रस सेव का रस और बनारस…बोर्ड परीक्षा की कॉपी जांचते ….

भोपाल। 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं में परीक्षार्थियों के अजब-गजब उत्तर ने परीक्षक को भी हैरान परेशान कर दिया है। जांच के दौरान हैरान करने वाले आंसर सामने आ रहे हैं। जांचकर्ताओं को ऊल-जलूल और अजीब-गरीब उत्तर देखने को मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, किसी जांच केंद्र पर कॉपियों के बीच 100-200 रुपए के नोट तक निकल रहे हैं। एक छात्र ने तो भगवान की कसम देकर शिक्षक से पास कर देने की गुहार लगाई है। उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे शिक्षक छात्रों के ऐसे उत्तरों को पढ़कर आश्चर्यचकित हैं।
इसका उदाहरण एक कॉपी में लिखे जवाब से आप समझ सकते हैं. दरअसल, हिंदी के पर्चे में एक प्रश्न पूछा गया कि रस कितने प्रकार के होते हैं? तो अभ्यर्थी उत्तर लिख गया- गन्ने का रस, आम का रस, सेव का रस और बनारस. यही नहीं, तमाम उत्तर पुस्तिकाओं में प्रश्नों के उत्तर में गीत, कविताओं से लेकर स्थानीय बोलियों में तमाम तरह की ऊटपटांग बातें लिखे हैं. मध्यप्रदेश में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां चेक हो रही हैं। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान हैरान करने वाले आंसर सामने आ रहे हैं। जांचकर्ताओं को ऊल-जलूल और अजीब-गरीब उत्तर देखने को मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, किसी जांच केंद्र पर कॉपियों के बीच 100-200 रुपए के नोट तक निकल रहे हैं। एक छात्र ने तो भगवान की कसम देकर शिक्षक से पास कर देने की गुहार लगाई है। उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे शिक्षक छात्रों के ऐसे उत्तरों को पढ़कर आश्चर्यचकित हैं। शिक्षकों का कहना है कि कुछ छात्रों ने अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। बोर्ड परीक्षा में कुछ भी लिखकर यानी सिर्फ कॉपी भरकर पास होने की उम्मीद लगाई है।
हिंदी में लिख गए संस्कृत में उत्तर
इसके अलावा, संस्कृत की परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर तमाम अभ्यर्थियों ने हिंदी में लिखे हैं. साथ ही साथ जो निबंध प्रश्न पत्र में पूछा भी नहीं गया, उसे जानबूझकर लिख गए हैं. मूल्यांकनकर्ता इसके पीछे की वजह बताते हैं कि संस्कृत विषय में कमजोर छात्र पास होने के लिए एक या दो निबंध रटते हैं, लेकिन जब प्रश्न पत्र में दूसरा निबंध पूछ लिया जाता है तो फिर छात्र याद किया गया निबंध ही लिख जाते हैं. एक कॉपी में ‘दीपावली’ और ‘कामधेनु’ की जगह ‘संस्कृत भाषा के महत्व’ का निबंध लिखा है.
इंग्लिश के आंसर हिंग्लिश में लिखे
वहीं, अंग्रेजी के पेपर की आंसरशीट जांची गईं तो इंग्लिश की जगह हिंग्लिश में आंसर लिखे मिले. सिर्फ यही नहीं, कई कॉपियों में सोशल मीडिया चैटिंग की तरह वाक्य लिखे गए हैं. यानी कि ग्रामर से लेकर स्पेलिंग तक की गलतियां हैं. इससे बढ़कर कुछ छात्र-छात्राएं कॉपी में अपना पेपर का सेट भी दूसरा लिख गए जिससे कॉपी चेक करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.











