योगी सरकार का बड़ा ऐलान! अब इन लोगों के घर पहुंचेगा मुफ्त राशन, कोटे की दुकान जाने की नहीं होगी जरूरत
बुजुर्ग, दिव्यांग, असहाय और निराश्रित लाभार्थियों को मिलेगी डोरस्टेप राशन सुविधा; 47 लाख नए पात्रों को योजना से जोड़ने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के अकेले रहने वाले बुजुर्ग, दिव्यांग, असहाय और निराश्रित पात्र लाभार्थियों को मुफ्त राशन लेने के लिए कोटे की दुकान तक नहीं जाना पड़ेगा। सरकार ऐसे लोगों के घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था लागू करेगी।
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सिर्फ शारीरिक असमर्थता या अन्य मजबूरी के कारण राशन से वंचित न रहे।
घर बैठे मिलेगा मुफ्त राशन
मंत्री ने बताया कि जिन लाभार्थियों के लिए राशन की दुकान तक पहुंचना संभव नहीं है, उन्हें अब उनके घर पर ही राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
47 लाख नए पात्रों को जोड़ने की तैयारी
सरकार ने अगले दो महीनों में करीब 47 लाख नए पात्र लोगों को मुफ्त खाद्यान्न योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
मनोज पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि किसी का नाम राजनीतिक कारणों या आपसी विवाद की वजह से सूची से हट गया है, तो पात्रता की जांच के बाद उसे दोबारा जोड़ा जाएगा।
राशन वितरण व्यवस्था में कई सुधार
सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं भी लागू की हैं।
- राशन दुकान पर खाद्यान्न पहुंचते ही लाभार्थियों को मोबाइल पर SMS भेजा जाएगा।
- राशन दुकानों पर बैठने के लिए कुर्सी और बेंच की व्यवस्था की जाएगी।
- गर्मी को देखते हुए पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें समय पर योजना से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पात्र लोगों तक हर हाल में पहुंचेगा लाभ
सरकार का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमजोर, बुजुर्ग और दिव्यांग नागरिकों को बिना किसी परेशानी के सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।








