झारखंड ट्रेजरी घोटाले में बड़ा खुलासा: 850 संदिग्ध खातों तक पहुंची जांच, अब फ्रीज हो सकते हैं बैंक अकाउंट
Major Revelation in Jharkhand Treasury Scam: Investigation Reaches 850 Suspicious Accounts; Bank Accounts May Now Be Frozen

रांची: झारखंड के चर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच अब तेजी से बड़े खुलासों की ओर बढ़ती नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की अवैध निकासी मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम लगातार नई कड़ियां जोड़ रही है। जांच में अब सैकड़ों ऐसे बैंक खातों का पता चला है, जिनके जरिए सरकारी राशि का लेनदेन किया गया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक बोकारो एसपी कार्यालय से 11 करोड़ रुपये और हजारीबाग एसपी कार्यालय से 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई थी। अब तक बोकारो में करीब 600 और हजारीबाग में 250 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है।
संदिग्ध खाताधारकों को भेजे जा रहे नोटिस
सीआईडी की एसआईटी ने अब संदिग्ध खातों से जुड़े लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। खाताधारकों से पूछा जा रहा है कि उनके खातों में आई रकम कहां से आई, किस उद्देश्य से भेजी गई और रकम भेजने वाले लोगों से उनका क्या संबंध है।
जांच एजेंसी ने साफ किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और नाम सामने आ सकते हैं।
फॉरेंसिक जांच से खुल सकते हैं घोटाले के बड़े राज
जांच के दौरान एसआईटी ने बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में इस्तेमाल हुए कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क जब्त की है। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट जल्द आने की संभावना जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अवैध निकासी के लिए फर्जी बिल तैयार किए गए थे। बाद में आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए कई दस्तावेज कंप्यूटर से डिलीट भी कर दिए। अब एसआईटी डिलीट डेटा को रिकवर करने में जुटी हुई है।
मुख्य आरोपी कौशल पांडेय से होगी पूछताछ
इस पूरे मामले में तत्कालीन लेखापाल और मुख्य आरोपी कौशल पांडेय से मंगलवार को रिमांड पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि उससे पूछताछ में घोटाले से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
एसआईटी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कौशल पांडेय ने गृह रक्षक सतीश कुमार सिंह, सिपाही काजल मंडल और एएसआई अशोक कुमार भंडारी के साथ मिलकर सरकारी राशि की अवैध निकासी को अंजाम दिया।
अब ईडी भी हुई सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच शुरू कर दी है। ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर बोकारो, हजारीबाग और सीआईडी से अब तक की जांच रिपोर्ट मांगने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए ईडी अदालत से अनुमति लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
हजारीबाग में वेतन भुगतान पर भी असर
ट्रेजरी घोटाले के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। Hazaribagh प्रशासन ने सभी विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों में स्थापना मद से निकाली गई राशि की जांच करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों से प्रमाणपत्र मांगा गया है कि राशि की निकासी झारखंड कोषागार संहिता-2016 के नियमों के अनुसार हुई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक प्रमाणपत्र जमा नहीं होगा, तब तक अप्रैल माह के भुगतान जारी नहीं किए जाएंगे।
हालांकि जिन विभागों ने दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, वहां वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में अब भी जांच और सत्यापन का काम जारी है।












