SIR विवाद पर BJP का पलटवार! राहुल गांधी के ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ वाले बयान पर सुधांशु त्रिवेदी ने गिनाया कांग्रेस का इतिहास, बोले- ‘जमीन से उड़े हुए नेता’
राहुल गांधी ने 24 सितंबर को CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे; इसके जवाब में BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के चुनावी इतिहास और गांधी परिवार की जीत को लेकर कई दावे किए

नई दिल्ली: Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर गंभीर सवाल उठाए तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार किया।
‘राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की समझ नहीं’
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के एंटी-इनकम्बेंसी से जुड़े तर्क पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के चुनावी इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भारतीय राजनीति में एंटी-इनकम्बेंसी के इतिहास को समझने की जरूरत है।
त्रिवेदी ने दावा किया कि 1967 के बाद कांग्रेस तमिलनाडु में सत्ता में वापस नहीं आई, जबकि पश्चिम बंगाल में 1977 से 2011 तक वाम मोर्चे का शासन रहा। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासनकाल के दौरान चुनावी हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और बैलेट बॉक्स लूटने जैसे आरोपों का भी उल्लेख किया। ये सभी बातें उन्होंने राहुल गांधी के एंटी-इनकम्बेंसी वाले तर्क के जवाब में कहीं।
रायबरेली-अमेठी और वायनाड का भी किया जिक्र
बीजेपी सांसद ने गांधी परिवार की चुनावी जीत को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि रायबरेली और अमेठी जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस की जीत में समाजवादी पार्टी के समर्थन की भूमिका रही है।
त्रिवेदी ने वायनाड का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की चुनावी जीत में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के समर्थन का भी उल्लेख किया। ये दावे बीजेपी नेता की ओर से कांग्रेस नेतृत्व की चुनावी क्षमता पर सवाल उठाने के संदर्भ में किए गए।
SIR और चुनाव आयोग पर राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने SIR से जुड़े विवाद और चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
वहीं, चुनाव आयोग ने SIR और अन्य फैसलों को लेकर सामने आई आपत्तियों को अपनी आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। आयोग के मुताबिक, लिखित टिप्पणियां और तकनीकी इनपुट कानूनी अनुपालन तथा मतदाताओं के अधिकारों की समीक्षा की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
‘मोदी जमीन से जुड़े, राहुल जमीन से उड़े हुए’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की राजनीतिक शैली की तुलना करते हुए कहा कि मोदी “जमीन से जुड़े हुए नेता” हैं, जबकि राहुल गांधी “जमीन से उड़े हुए नेता” हैं।
यह टिप्पणी बीजेपी की ओर से राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में की गई राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा थी।
SIR पर सियासी घमासान जारी
SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। राहुल गांधी चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि बीजेपी इन आरोपों का राजनीतिक और ऐतिहासिक संदर्भों के जरिए जवाब दे रही है। इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया और फैसलों को कानूनी आधार वाला बताते हुए उनका बचाव किया है।












