झारखंड में भी होगी जातीय जनगणना, सीएम ने दी मंजूरी

रांची : झारखंड में जाति आधारित जनगणना का रास्ता साफ हो गया. मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शनिवार को इसकी मंजूरी दे दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इस बात की जानकारी दी है। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को यह भी आदेश दे दिया है कि वो इसके संबंध में ड्राफ्ट तैयार करे।
सीएम चंपई सोरेन ने कार्मिक विभाग को इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए हैं। विभाग की ओर से तैयार किए जाने वाले प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा के पहले राज्य सरकार प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। बिहार के बाद झारखंड देश का दूसरा राज्य है, जहां जातीय जनगणना कराई जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा था कि उनकी सरकार जातीय जनगणना कराने की पक्षधर है। राज्य की विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत दो विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए प्रश्न के जवाब में सरकार की ओर से कहा गया था कि सरकार जातीय जनगणना के पक्ष में है। तब सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि वह जातीय जनगणना कब कराएगी।
सीएम ने आदेश दिया है कि जातीय जनगणना कराए जाने को लेकर SOP बनाया जाए और इसे अप्रूवल के लिए कैबिनेट के पास रखा जाए। सीनियर अधिकारी ने कहा कि अगर सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ तो लोकसभा चुनाव के बाद जातीय जनगणना का काम शुरू कर दिया जाएगा। राज्य में जातीय जनगणना को लेकर सीएम चंपाई सोरेन ने एक्स पर लिखा, ‘जिसकी जितनी संख्या बड़ी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। झारखंड तैयार है।’
मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के प्रधान सचिव विनय कुमार चौधरी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘कार्मिक विभाग झारखंड में सर्वे करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्यूर (एसओपी) तैयार करेगा। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। जिस तरह पड़ोसी राज्य बिहार में जातीय जनगणना की गई थी उसी पैटर्न पर झारखंड में भी यह जनगणना की जाएगी। बिहार में पिछले 2 सालों में 7 जनवरी से लेकर 2 अक्टूबर तक का डेटा जुटाया गया था।












