Chief Election Commissioner Rajiv Kumar Biography In hindi: जानिये कौन हैं राजीव कुमार, रांची के रह चुके हैं उपायुक्त, बिहार-झारखंड से है गहरा नाता

Chief Election Commissioner Rajiv Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार इस वक्त पूरे देश के सबसे पावरफुल अफसर है। उनके कंट्रोल में ही पूरे देश की ब्यूरोक्रेसी है। दरअसल चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही देश में सब कुछ चुनाव आयोग के कंट्रोल में चला जाता है। राज्य में मुख्यमंत्री-मंत्री के पास कुछ भी नहीं रह जाता। ट्रांसफर पोस्टिंग तो छोड़िये, एक फैसले भी अभी तीन महीने तक (आचार संहिता तक) बिना चुनाव आयोग के परमिशन के नहीं हो सकता। लेकिन क्या आपको पता है इस वक्त जो देश सबसे पावरफुल अफसर मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार हैं, उनका झारखंड-बिहार की धरती से गहरा नाता रहा है।
राजीव कुमार बिहार-झारखंड कैडर के आईएएस के रूप में उन्होंने अपने सेवा काल के लगभग 17 साल का वक्त यहां गुजारा है। वह तीन साल से भी ज्यादा वक्त, 1 फरवरी 1993 से 1 जून 1996 तक, रांची के उपायुक्त भी रहे हैं और इस शहर में आज भी कई लोग उनके बेहतरीन कार्यकाल को याद करते हैं। राजीव कुमार 1984 बैच के मूल रूप से बिहार कैडर के आईएएस रहे हैं. वर्ष 2000 में नया राज्य बनने के बाद उन्होंने झारखंड कैडर चुना था।
2000 में वह यहां कार्मिक विभाग में निदेशक, प्राथमिक शिक्षा विभाग में निदेशक और 2000 से 2001 तक उद्योग विभाग के निदेशक के रूप में पदस्थापित रहे. बिहार-झारखंड में अपने सेवा काल में राजीव कुमार एसडीएम, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर), डीडीसी, डीएम और सचिव आदि पदों पर रहकर शासन-प्रशासन को मजबूती देने में जुटे रहे. इसके बाद वह 2020 में सेवानिवृत्ति तक ज्यादातर समय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे। बीच में वर्ष 2008 से 2012 वह नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन में एडिशनल रेजिडेंट कमिश्नर और रेजिडेंट कमिश्नर के पद पर भी पोस्टेड रहे।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में वित्त सचिव के तौर पर बैंकिंग सुधारों के लिए उन्हें उल्लेखनीय तौर पर याद किया जाता है. राजीव कुमार का जन्मं 19 फरवरी 1960 को यूपी में हुआ. वे लोक नीति में पोस्टह ग्रेजुएट हैं. उन्होंने बीएससी, एलएलबी, पीजीडीएम और सहित कई शैक्षणिक डिग्रियां हासिल की।
5 मई 2022 को, उन्होंने सुशील चंद्रा के बाद भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। राजीव कुमार का जन्म 19 फरवरी 1960 को हुआ था, उनके पास बीएससी, एलएलबी, पीजीडीएम और सार्वजनिक नीति में मास्टर डिग्री है। राजीव ने 1979 और 1982 के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और वह टीईआरआई स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के पूर्व छात्र भी हैं।












