मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी कार्रवाई: सिविल सर्जन सहित सभी अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश, मुख्यमंत्री ने 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट की तलब

Chief Minister issues order to suspend all officers, including the Civil Surgeon; CM calls for report within 5 days

रांची/पश्चिमी सिंहभूम। सदर अस्पताल चाईबासा में बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सिविल सर्जन और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश जारी कर दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि संक्रमित बच्चों का पूरा इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा।

 

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स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि राज्य के सभी ब्लड बैंकों का ऑडिट कर पांच दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की भयावह घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।घटना के मुताबिक, मंझारी निवासी सात वर्षीय थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को कुछ दिन पहले सदर अस्पताल चाईबासा में रक्त चढ़ाया गया था।

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बच्चे के पिता ने बताया कि उनका बेटा लंबे समय से थैलेसीमिया से पीड़ित है और हर कुछ महीनों में उसे रक्त चढ़ाना आवश्यक होता है। 18 अक्टूबर को बच्चे का ब्लड टेस्ट कराया गया तो रिपोर्ट में एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। इस रिपोर्ट से परिवार में मातम और दहशत का माहौल बन गया।

 

परिवार ने यह भी बताया कि बच्चे के माता-पिता ने एहतियातन खुद का एचआईवी टेस्ट कराया था, जिसमें दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई। इससे यह शंका और गहरी हो गई कि संक्रमण अस्पताल के ब्लड बैंक से हुआ है। बच्चे के पिता ने उपायुक्त को शिकायत दर्ज कराई है, जिसमं आरोप लगाया गया है कि ब्लड बैंक कर्मी मनोज कुमार ने जानबूझकर या गंभीर लापरवाहीवश यह गलती की है।

घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल फैल गया है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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