विभागीय मंत्री चंपई सोरेन, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार : 200 रुपए की दर से नहीं बुझती पेट की आग, कैसे जगाएं शिक्षा का अलख? शिक्षकों का छलका दर्द

रांची /चतरा । बढ़ती मंहगाई और अल्प मानदेय में भी शिक्षा का अलख जगाने वाले शिक्षकों के ऊपर सरकार ध्यान नहीं दे रही। ऐसे में सरकार के प्रति नाराजगी जायज है। क्योंकि अंशकालीन शिक्षकों के नियुक्ति के 8 साल के वावजूद इनके मानदेय और प्रति कक्षा की दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। ऐसा नहीं है की ये मामला पहली बार उठा है, इसके पहले भी कई बार विभागीय मंत्री चंपई सोरेन के पास इस मामले को उठाया गया परंतु आश्वाशन मिलने के वावजूद कोई कारवाई नहीं की गई। जिससे इन शिक्षकों के बीच काफी नाराजगी देखी जा रही है।

पूर्व में भी मानदेय समेत अन्य समस्याओं को लेकर आवासीय विद्यालय के अंशकालीन शिक्षकों के सदस्यों ने कोई बार आदिवासी कल्याण सह परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को ज्ञापन सौंपकर कारवाई करने की मांग की लेकिन अब तक कुछ भी कारवाई नहीं की गई।

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ये है मांग

संघ के सदस्यों ने बताया की कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय मे कुल 350 शिक्षक-शिक्षिका कार्यरत हैं। इन सभी शिक्षकों की नियुक्त 2016 में की गयी थी। उनकी नियुक्ति के 8 साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक उन्हें 200 रु प्रति कक्षा की दर से मानदेय मिलता है। वो भी सप्ताह में पांच दिन ही क्लास लेने का अवसर मिलता है।

मालूम हो की इन शिक्षकों को सरकारी छुट्टी का मानदेय नहीं मिलता है। संघ के पदाधिकारी ने बताया कि झारखण्ड के सभी विभाग के कर्मचारियों को कुछ न कुछ लाभ मुख्यमंत्री झारखण्ड सरकार द्वारा दिया जा रहा है। लेकिन अंशकालीन शिक्षकों को अभी तक कुछ भी लाभ नहीं मिला है।

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शिक्षा में सुधार के वावजूद नहीं ले रही सुध

विभाग भी ये मानती है की इन शिक्षकों के आने के बाद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और विद्यालय का परीक्षाफल 100 प्रतिशत रहा है।कक्षा आधारित मानदेय बढ़ाने सहित कई समस्या को लेकर संघ के सदस्यों ने विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार मिल चुके शिक्षकों को अब तक निराशा हाथ लगी है। अबतक उन्हें सिर्फ अश्वासन ही मिला।

संघ ने दी आंदोलन की धमकी

शिक्षक संघ के महासचिव सशोधर महतो ने बताया कि अब हम शिक्षकों की धैर्य की सीमा समाप्त हो रही है, यदि सरकार हमारी समस्या को जल्द निदान करना सुनिश्चित नहीं करेगी तो हम सभी शिक्षक-शिक्षिका अपने परिवार के साथ सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होगें ।

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अपनी समस्याओं का हल निकालने के लिए चतरा जिले के कल्याण विभाग आवासीय विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे। बैठक में विनय कुमार वर्मा, सुरेंद्र कुमार, कोमल कुमारी, हीरामणि ओड़िआ, धर्म देव आर्य, ज्योति कुमारी, सीता कुमारी, अनीता कुमारी, करुणा कुमारी, कोमल कुमारी एवम अन्य उपस्थित थे।

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