फर्जी सर्टिफिकेट : नौकरी के लिए आये 80 प्रतिशत से ज्यादा सर्टिफिकेट निकले फर्जी… बड़े रैकेट के जरिये चल रहा है फर्जीवाड़े का खेल

रांची। झारखंड में फर्जी सर्टिफिकेट का बड़ा रैकेट संचालित है। इस बात का खुलासा उस जांच में हुआ है, जिसमें डाक विभाग के दस्तावेजों में 80 फीसदी से ज्यादा सर्टिफिकेट फर्जी निकले हैं। झारखंड में डाक विभाग के सर्किल के लिए निकली बहाली में 80 फीसदी से ज्यादा आवेदक ने फर्जी सर्टिफिकेट जमा कर दिए। उनमें से ज्यादातर झारखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और अन्य यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट बरामद किये गये हैं। दरअसल ग्रामीण डाक सेवकों के चयन में लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं किया गया है। मैट्रिक परीक्षा में प्राप्त अंक के आधार पर ही इनका चयन होना है। सर्वाधिक अंक वाले अभ्यर्थी को चयन में प्राथमिकता दी जानी है। लिहाजा अभ्यर्थी फर्जी अंकपत्र जुगाड़ कर इसे अपलोड कर दे रहे हैं।

विभागीय प्रविधान के मुताबिक बहाली हेतु मेरिट का आधार दसवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंक है। विभाग द्वारा अभ्यर्थियों से आवेदन के साथ आनलाइन प्रमाण पत्र एवं अंकपत्र भी जमा करने को कहा गया है, लेकिन आनलाइन जमा किए गए अधिकांश मार्कशीट जाली प्रतीत हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर रामगढ़ जिले के जनता हाई स्कूल होन्हे के अधिकतर आवेदक का झारखंड बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक दर्शाया गया है।

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इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। यह धोखाधड़ी सिर्फ रांची में ही नहीं बल्कि कई दूसरे राज्यों में भी हुई है। झारखंड समेत कई राज्यों में होने वाली बहाली में आरोपी का फर्जी वाड़ा सामने आया है। आधिकारिक जानकारी डाक विभाग को भी भेज दी गयी है। इस मामले में जिसकी गिरफ्तारी की गयी है उसका नाम मनोज मिश्रा बताया जा रहा है। पुलिस ने पूछताछ में उससे कई बड़े राज खोले हैं। उसकी गिरफ्तारी ओडिशा के भुवनेश्वर में बलांगीर पुलिस ने की है।

अब टीम आरोपी मनोज मिश्रा को यहां लेकर आयेगी और सभी दस्तावेजों का मिलान करेगी। फर्जी सर्टिफिकेट का काम मनोज मिश्रा काफी समय से कर रहा है। एक सिंडिकेट द्वारा इस तरह के दस्तावेज तैयार कराये गये थे। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से झारखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और अन्य यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट बरामद किये गये हैं। उसने पुलिस को पूछताछ में यह भी बताया कि वह सिर्फ झारखंड का ही नहीं बल्कि अलावा ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार सर्किल में होने वाली बहाली में भी लोगों को फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर दिये हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश में हैं कि कौन लोग हैं जो इसके फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।

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