Garhwa Teacher Murder: शिक्षक का हत्यारा कौन? 10 दिन पहले बने थे पिता, अब तक नहीं मिले हत्यारे; सरकारी शिक्षक दीपक कुजूर हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली
गढ़वा में सरकारी शिक्षक दीपक कुजूर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। 10 दिन पहले पिता बने शिक्षक की हत्या की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है।

Garhwa Teacher Murder। झारखंड के गढ़वा जिले में सरकारी शिक्षक दीपक कुजूर का हत्यारा कौन है? 24 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारे की तलाश नहीं कर पायी है। शिक्षक दीपक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। पुलिस हत्या के बाद से ही लगातार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। शक है कि ये वारदात आपसी रंजिश का है।
पुलिस की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं। इस बीच हत्या के पीछे की वजह भी रहस्य बनी हुई है, क्योंकि परिजनों का कहना है कि दीपक की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
जंगल के बीच घेरकर बरसाईं गोलियां
आपको बता दें कि यह सनसनीखेज वारदात बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल स्थित ललमटिया मोड़ के पास हुई। पुलिस के अनुसार, दीपक कुजूर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।
10 दिन पहले गूंजी थी किलकारी, अब घर में पसरा मातम
35 वर्षीय दीपक कुजूर मूल रूप से सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ प्रखंड के नानेसेरा-मंगरकुड़ा गांव के रहने वाले थे और सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। उनकी शादी 28 दिसंबर 2025 को रामकंडा थाना क्षेत्र के बरवा गांव निवासी मुक्ति केरकेट्टा से हुई थी।परिजनों के मुताबिक, महज 10 दिन पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। परिवार नवजात के आगमन की खुशियां मना रहा था, लेकिन अचानक हुई इस वारदात ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
सास को मायके छोड़कर लौट रहे थे शिक्षक
जानकारी के अनुसार, दीपक अपनी सास को उनके मायके बरवा गांव छोड़ने गए थे। वहां से वापस लौटते समय ललमटिया मोड़ के पास अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। वारदात इतनी सुनियोजित थी कि हमलावरों ने सुनसान जंगल वाले रास्ते का चयन किया और घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।
अब तक दर्ज नहीं हुई नामजद एफआईआर
बड़गड़ थाना पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(2), 238 तथा आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि अब तक किसी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।
तकनीकी साक्ष्यों के सहारे जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य के नेतृत्व में गठित विशेष टीम तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य सुरागों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हत्या की वजह अब भी सबसे बड़ा सवाल
इस हत्याकांड की सबसे बड़ी पहेली यही है कि आखिर एक सरकारी शिक्षक को दिनदहाड़े क्यों निशाना बनाया गया? परिजनों का कहना है कि दीपक का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में पुलिस व्यक्तिगत रंजिश, लूट और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।







