हजारीबाग : स्कूली बच्चों से भरी वैन हुई दुर्घटनाग्रस्त, रोड से 125 फीट नीचे जंगल में जा घुसी, कई बच्चे हुए घायल

Hazaribagh: A van carrying schoolchildren met with an accident, plunging into the forest 125 feet below the road; several children were injured.

हजारीबाग। स्कूली बच्चों की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। हजारीबाग जिले के इचाक थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। डेवलप पब्लिक स्कूल की बच्चों से भरी वैन चालक की लापरवाही के कारण सड़क से नीचे उतरकर जंगल में जा फंसी। हादसे में तीन बच्चे घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों की तत्परता से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मिली जानकारी के मुताबिक हादसा इचाक बाजार-डाढा मार्ग पर शिव शक्ति गंगा धाम के पास कुरथिया जंगल क्षेत्र में हुआ, जहां बच्चों से भरी स्कूल वैन सड़क छोड़कर करीब 125 फीट अंदर जंगल में जा घुसी।जानकारी के अनुसार डेवलप पब्लिक स्कूल, बरका रतनपुर की इको वैन सुबह बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इसी दौरान चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार वैन सड़क से नीचे उतर गई और रास्ते में बने ट्रेंच तथा गड्ढों को पार करते हुए जंगल के अंदर जाकर एक लकड़ी के खूंटे में फंस गई। खूंटे में अटकने के कारण वाहन रुक गया, अन्यथा हादसा और भी भयावह हो सकता था।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

तीन बच्चों को लगी चोट

बताया जा रहा है कि हादसे में डाढा गांव निवासी तीन बच्चे घायल हो गए। घायलों में आनवी कुमारी, प्रीति रानी और एक अन्य छात्रा शामिल है। तीनों बच्चों के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजन तत्काल बच्चों को उपचार के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है।

 

बच्चों की चीख-पुकार सुन दौड़े लोग

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार वैन में करीब दस बच्चे सवार थे। वाहन के सड़क से नीचे उतरते ही बच्चे जोर-जोर से चीखने लगे। आसपास से गुजर रहे लोगों ने घटना देखकर तत्काल गांव वालों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन किसी पेड़ या लकड़ी के खूंटे में नहीं अटकता तो वह और नीचे खाईनुमा क्षेत्र में जा सकता था, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।

 

चालक की लापरवाही पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और वाहन चालक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। स्कूल वाहनों की फिटनेस, चालकों के प्रशिक्षण और सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close