झारखंड : जमीन घोटाले में घिरी सांसें…विनय चौबे की चुप्पी पर एसीबी की नजर, जांच में सहयोग से बचते रहे आईएएस अधिकारी

The land scam is in a state of tension... ACB is keeping an eye on Vinay Chaubey's silence, IAS officer kept avoiding cooperating in the investigation

हजारीबाग के खासमहल जमीन घोटाला मामले में एसीबी की टीम ने बुधवार को आईएएस अधिकारी विनय चौबे से पूछताछ की. लेकिन एसीबी के सावलों को विनय चौबे टालते रहे. मालूम हो कि रिमांड पर लेकर 6 सितंबर तक एसीबी उनसे पूछताछ करेगी. विनय चौबे को बीते मंगलवार को ही एसीबी मुख्यालय लाया गया था.

ACB के सवालों को टालते रहे

एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, विनय चौबे पूछताछ के दौरान एसीबी के जांच पदाधिकारियों को सहयोग नहीं कर रहे हैं. कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर ट्रस्ट की जमीन की रजिस्ट्री के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने अपनी संलिप्तता से पहले ही इंकार कर दिया.

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इसके बाद जांच पदाधिकारियों के सवाल को टालते रहे. एसीबी ने विनय कुमार चौबे से पूछा कि उन्होंने लीज नवीनीकरण के आवेदन से सेवायत ट्रस्ट जानबूझकर क्यों हटाया. तो वे इसका जवाब नहीं दे पाए. एसीबी ने प्रारंभिक जांच में तत्कालीन डीसी व खासमहल पदाधिकारी की भूमिका पायी है.

वर्ष 2008 का है मामला!

गौरतलब है कि पूरा मामला साल 2008 के बीच का है. जब विनय चौबे हजारीबाग के उपायुक्त थे. उनके कार्यकाल में हजारीबाग में खासमहल की 2.75 एकड़ जमीन को 23 लोगों को निबंधित कर दिया गया था. एसीबी ने इस मामले में साल 2015 में एसीबी ने प्रारंभिक जांच दर्ज की थी.

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प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि उक्त जमीन 1948 में सेवायत ट्रस्ट को 30 सालों की लीज पर दी गई थी. जिसका लीज 1978 में समाप्त हुआ था. तब से जमीन वैसी ही पड़ी थी. वर्ष 2008 से 2010 के बीच प्रशासनिक साजिश के तहत उक्त जमीन 23 लोगों को निबंधित की गई थी.

पीई में आरोपों की पुष्टि के बाद मंत्रिमंडल निगरानी एवं सचिवालय विभाग से अनुमति लेकर एसीबी ने आठ अगस्त को इस मामले में नियमित प्राथमिकी दर्ज की. दर्ज प्राथमिकी में तत्कालीन खासमहाल पदाधिकारी विनोद चंद्र झा, बसंती सेठी, उमा सेठी, इंद्रजीत सेठी, राजेश सेठी, विजय प्रताप सिंह व सुजीत कुमार सिंह को आरोपित बनाया गया था

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20 मई को ACB ने शराब घोटाले में किया था गिरफ्तार

गौरतलब है कि विनय चौबे 20 मई से न्यायिक हिरासत में है. एसीबी ने उन्हें शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था. निर्धारित 90 दिनों की अवधि में जब एसीबी ने चार्जशीट दाखिल नहीं की तो उस केस में विनय चौबे को जमानत का लाभ मिल गया.लेकिन हजारीबाग के खासमहल की जमीन घोटाले में भी गिरफ्तार दिखाया था और इस केस में वे न्यायिक हिरासत में है.

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