झारखंड: 4000 घूस लेते वनकर्मी हुआ गिरफ्तार, परमिशन के नाम पर मांगे थे 5000 रुपये, ACB ने घेराबंदी कर पकड़ा

कोडरमा। घूस लेते वनरक्षी को ACB की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। लकड़ी परिवहन के नाम पर वनरक्षी ने 5000 रूपये की डिमांड की थी । जिसकी शिकायत सूरज कुमार ने एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से की थी। हजारीबाग से आई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम मंगलवार को जाल बिछाकर रंगे हाथ घूस लेते हुए वनरक्षी को गिरफ्तार कर हजारीबाग ले गई है। हजारीबाग से आई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगेहाथों घूस लेते वनरक्षी अमरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता सूरज कुमार को शीशम की लकड़ी की चिराई के लिए आरा फैक्ट्री ले जाना था।

लकड़ी के परिवहन के लिए परिवहन के परमिशन की जरूरत होती है। सूरज कुमार ने जब परमिशन के लिए आवेदन दिया तो वनरक्षी ने सूरज से 5000 रुपये का घूस मांगा। वनरक्षी द्वारा मांगी गई रकम के एवज में शिकायतकर्ता सूरज कुमार के द्वारा 4000 रुपये घूस देते रंगे हाथ एसीबी की टीम ने वनरक्षी को गिरफ्तार किया है।वनरक्षी अमरेंद्र कुमार की गिरफ्तारी वन मंडल कार्यालय के सामने निजी होटल के पास से की गई है। सूरज कुमार ने इसकी शिकायत एसीबी हजारीबाग से की थी।

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वनरक्षी अमरेंद्र कुमार की गिरफ्तारी वन मंडल कार्यालय के सामने शिवम होटल के पास से की गई है। जानकारी के मुताबिक, सूरज कुमार ने अर्जुन मोदी से शीशम का पेड़ खरीदा था, जिसकी कटाई की गई थी। कटाई के बाद उस शीशम के बोटों को चिराई कराने के लिए आरा मिल तक परिवहन किया जाना था।एसीबी की टीम वन आरक्षी अमरेंद्र कुमार को अपने साथ हजारीबाग ले गयी है. बताया जाता है कि वनरक्षी अमरेंद्र कुमार काफी भ्रष्ट हैं, वह ऐसे कामों के लिए लोगों से अक्सर पैसे की मांग किया करते थे।

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