Jharkhand News: झारखंड के 14 जांबाज पुलिस अफसर व जवान राष्ट्रपति पुलिस पदक और वीरता पदक के लिए अनुशंसित, देखिये किन किन पुलिसकर्मियों के किन-किन सहासिक कार्यों को पुलिस ने सराहा…

Jharkhand News: 14 brave police officers and personnel from Jharkhand have been recommended for the President's Police Medal and the Medal for Gallantry; take a look at the courageous acts of the police personnel that have been commended...

रांची। झारखंड में नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाने वाले पुलिस अफसरों व जवानों को वीरता पदक की सिफारिश बेजी गयी है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने 14 अधिकारी-कर्मचारी के नामों की सिफारिश भेजी है। इन पुलिसकर्मियों ने माओवादी विरोधी अभियानों के दौरान असाधारण साहस, वीरता और उत्कृष्ट अनुसंधान का परिचय दिया था। उसी वीरता को सराहने के लिए राज्य के 14 पुलिस अधिकारियों और जवानों के नाम राष्ट्रपति पुलिस पदक एवं पुलिस वीरता पदक के लिए अनुशंसित किए गए हैं।

 

राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को यह प्रस्ताव भेजा है। अब गृह मंत्रालय स्तर पर इन नामों की समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अनुशंसित अधिकारियों में एक आईपीएस अधिकारी, एक डिप्टी कमांडेंट, एक डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और कई पुलिस जवान शामिल हैं। गृह विभाग ने बोकारो, चतरा और गुमला जिलों में माओवादियों के खिलाफ चलाए गए चार महत्वपूर्ण अभियानों और मुठभेड़ों को इस अनुशंसा का आधार बनाया है।

 

बोकारो मुठभेड़ के लिए छह पुलिसकर्मियों के नाम

24 जनवरी 2025 को बोकारो जिले के पेंक-नारायणपुर थाना क्षेत्र के बंसी गांव के जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो हार्डकोर माओवादी मारे गए थे। अभियान के दौरान एक एके-47 और एक इंसास राइफल भी बरामद की गई थी।

इस ऑपरेशन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने पर तत्कालीन बोकारो एसपी मनोज स्वर्गियारी, दारोगा अभिषेक किशोर, सुभाष कुमार यादव, सिपाही दीनबन्धु शेखर, रामजी कुमार और शिवरतन साहू के नाम पुलिस वीरता पदक के लिए भेजे गए हैं।

 

चतरा के लावालौंग ऑपरेशन के लिए तीन नाम

2 नवंबर 2019 को चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) उग्रवादियों ने पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला किया था। पुलिस टीम ने साहसपूर्वक जवाबी कार्रवाई करते हुए अभियान को सफल बनाया और 16 माओवादियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

इस कार्रवाई में शामिल डिप्टी कमांडेंट रविशंकर पांडेय, तत्कालीन सिमरिया थाना प्रभारी इंस्पेक्टर लव कुमार सिंह और हवलदार विक्की गुरुंग के नाम वीरता पदक के लिए अनुशंसित किए गए हैं।

 

बूटकुईंया मुठभेड़ में दिखाए साहस का मिला सम्मान

29 जनवरी 2023 को चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र स्थित मनातू और बूटकुईंया की पहाड़ियों में पुलिस और कोबरा बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाया था। इस दौरान एक इनामी माओवादी को मार गिराया गया था।

इस ऑपरेशन में बहादुरी दिखाने वाले इंस्पेक्टर सनोज कुमार चौधरी और सिपाही चन्दन कुमार पासवान के नाम भी पुलिस वीरता पदक के लिए भेजे गए हैं।

 

गुमला अभियान में उत्कृष्ट अनुसंधान को मिली सराहना

31 मई 2021 को गुमला जिले के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में प्रभावी रणनीति और उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए तीन पुलिसकर्मियों के नाम अनुशंसित किए गए हैं।

इनमें डीएसपी विकास आनंद लांगुरी, दारोगा विवेकानंद श्रीवास्तव और सिपाही अशोक कुमार शामिल हैं।

 

गृह मंत्रालय करेगा अंतिम फैसला

झारखंड सरकार द्वारा भेजी गई अनुशंसा सूची पर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय विचार करेगा। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस वीरता पदक के लिए अंतिम सूची जारी की जाएगी। यदि अनुशंसा स्वीकृत होती है, तो इन पुलिस अधिकारियों और जवानों को देश के प्रतिष्ठित पुलिस सम्मानों से सम्मानित किया जाएगा।

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