झारखंड: गुगल पर सर्च कर कस्टमर केयर से बात करना पड़ गया महंगा, मिनटों में पूरा अकाउंट हो गया खाली, तीन फर्जी एयरटेल पेमेंट बैंक अफसर अरेस्ट

Jharkhand: Searching on Google and talking to customer care proved costly, the entire account was emptied in minutes, three fake Airtel Payments Bank officers arrested.

गिरिडीह। गुगल पर सर्च कर कस्टमर केयर को फोन मिलाना कई लोगों को महंगा पड़ गया। शातिर ठगों ने पूरा अकाउंट ही खाली कर दिया। अब पुलिस ने तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, वाहन और कई दस्तावेज बरामद किए हैं।

 

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यह कार्रवाई प्रतिबिंब पोर्टल से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। मामले की जानकारी गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने पपरवाटांड स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के कछेल गांव के पास तेल्खरी जंगल के आसपास कुछ लोग मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

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सूचना को गंभीरता से लेते हुए साइबर डीएसपी आबिद खां के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिन्हित स्थान पर दबिश दी और मौके से तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खुर्शीद अंसारी (निवासी धरलेट्टो, गांडेय), आलमगीर अंसारी (निवासी चेतनारी, पथरोल, देवघर) और मोहम्मद सराफत अंसारी (निवासी पिंडारी, सारठ, देवघर) के रूप में हुई है।

 

 

 

पुलिस जांच में सामने आया है कि इनमें से सराफत अंसारी और आलमगीर अंसारी पहले भी साइबर ठगी के मामलों में संलिप्त रह चुके हैं। सराफत अंसारी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में दर्ज साइबर ठगी के एक मामले में जेल भी जा चुका है, जबकि उसके खिलाफ उत्तराखंड के रुद्रपुर में ऑनलाइन शिकायत दर्ज है।

 

 

पुलिस के अनुसार, सराफत अंसारी ने अब तक करीब 60 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है और उसने ठगी की रकम से एक महिंद्रा XUV 300 कार भी खरीदी थी। वहीं, आलमगीर अंसारी ने बीते पांच वर्षों में लगभग 25 लाख रुपये की अवैध कमाई साइबर ठगी के जरिए की है। तीसरे आरोपी खुर्शीद अंसारी की भूमिका भी ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में अहम बताई जा रही है।

 

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, 2 मोटरसाइकिल, 2 एटीएम कार्ड, 1 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड और 1 ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है। जब्त किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे और भी ठगी के मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

 

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गूगल पर फर्जी मोबाइल नंबर अपलोड करते थे और खुद को फोन-पे, पेटीएम, सैमसंग सर्विस, एसी सर्विस जैसी नामी कंपनियों का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर प्रचार करते थे। जब कोई व्यक्ति सहायता के लिए इन नंबरों पर कॉल करता था, तो आरोपी उसे झांसे में लेकर ओटीपी, लिंक या अन्य माध्यमों से उसके खाते से पैसे निकाल लेते थे। इसके अलावा, वे एयरटेल पेमेंट बैंक के अधिकारी बनकर पासबुक और एटीएम कार्ड भेजने के बहाने भी लोगों को ठगते थे।

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