झारखंड : 24 घंटे में तीन मौतों से दहला हजारीबाग अस्पताल…परिजनों का फूटा गुस्सा…स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
Hazaribagh Hospital Rocked by Three Deaths in 24 Hours; Families' Outrage Erupts, Raising Serious Questions About the Healthcare System.

Hazaribagh : हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महज 24 घंटे के भीतर तीन मरीजों की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। लगातार हुई मौतों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही, समय पर सुविधा नहीं देने और मरीजों की हालत को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और विरोध का माहौल बना रहा।
परिजनों का कहना है कि मरीजों को वक्त रहते बेहतर इलाज नहीं मिला। कई लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी सुविधाओं की कमी साफ दिखाई दी। कुछ परिवारों ने ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने और डॉक्टरों द्वारा समय पर ध्यान नहीं देने की बात कही। आरोप यह भी लगाए गए कि मरीजों की बिगड़ती हालत के बावजूद उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे हालात जानलेवा बन गए।
मौतों के बाद अस्पताल परिसर बना विरोध का केंद्र
तीनों मौतों की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने लगे। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और परिजनों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। कई लोगों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब मरीजों को उठाना पड़ रहा है।
स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल कर्मियों और स्थानीय प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी देर तक समझाइश और बातचीत के बाद माहौल शांत कराया गया। हालांकि परिजन लगातार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे।
इलाज में लापरवाही के पुराने आरोप फिर चर्चा में
घटना के बाद एक बार फिर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में आ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इलाज में देरी, पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने और मरीजों की अनदेखी जैसे आरोप सामने आते रहे हैं। लगातार उठ रहे सवालों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले की जांच कराने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












