“….ये आंदोलन मेरी मौत के बाद भी नहीं रुकेगा, हिम्मत है तो रोक लेना”, जानिये किसे और क्यों दे दी, निशिकांत दुबे ने खुलेआम चुनौती

Nishikant Dubey News: बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा सांसद निशिकांत दुबे लगातार लोकसभा में उठा रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने संसद में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार राज्य के कुछ जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि झारखंड सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को शह दे रही है, इसकी वजह से आदिवासियों का वजूद खतरे में हैं।

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इधर बांग्लादेशी घुसपैठिये समेत कई मुद्दे उठाने के बाद निशिकांत दुबे के खिलाफ झामुमो ने मोर्चा खोल दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर विरोध जताया। पाकुड़ में झारखंड मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष श्याम यादव के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और पूरे शहर का भ्रमण किया।

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झामुमो जिलाध्यक्ष श्याम यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे लोकसभा में झारखंड विरोधी विचार रखते हैं। उनके बयानों का झामुमो विरोध करती है। गोड्डा सांसद के झारखंड विरोधी विचार से यहां के लोग आक्रोशित है और उन्हें राज्य से बाहर करने के लिए आज प्रदर्शन कर रहे हैं।

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ऐसे लोगों को झारखंड में रहने नहीं दिया जाएगा, जो अपने राज्य के बारे में विरोधी विचार रखते हो. आने वाले समय में इसका पुरजोर विरोध करेंगे. जिलाध्यक्ष ने कहा कि यहां की जनता सब समझ रही है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का मानसिकता क्या है, जिसका जवाब उन्हें विधानसभा चुनाव में मिल जाएगा।

इधर, झामुमो के विरोध प्रदर्शन पर निशिकांत दुबे ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठिया को भगाने का आंदोलन मेरी मौत के बाद भी नहीं रुकेगा। सोशल मीडिया हैंडल X पर उन्होंने कहा कि, झामुमो और कांग्रेस की छाती पर मूँग दल कर 4 यानि चौथी बार सांसद माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी,भाजपा और गोड्डा की जनता के आशीर्वाद से बना हूँ ।

बांग्लादेशी घुसपैठिया के कारण आदिवासी ख़तरे में है,अनुसूचित जाति ख़तरे में है ।आदिवासी कोटा बांग्लादेशी को जा रहा है। बांग्लादेशी घुसपैठिया को भगाने का आंदोलन मेरी मौत के बाद भी नहीं रुकेगा। मैं पूरे संथालपरगना के पीड़ित आदिवासी परिवार व बच्चों से मिलूँगा, हिम्मत है तो रोक लेना।

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