Job Scam: नौकरी का सपना दिखाकर बिछाया ऐसा जाल, 5 करोड़ से ज्यादा की ठगी! ‘बड़े पद’ के नाम पर लाखों वसूले, सरगना समेत 6 गिरफ्तार
WhatsApp पोस्टर से फैलाया नौकरी का जाल, स्टेट हेड से सेंटर इंचार्ज तक हर पद की तय थी कीमत; पुलिस जांच में 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान

सिमडेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को बड़े पद और मोटी कमाई का सपना दिखाकर लाखों रुपये वसूलने वाले कथित गिरोह का सिमडेगा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि भिएसके फाउंडेशन के नाम पर चल रहे नेटवर्क में अलग-अलग पदों पर नियुक्ति के लिए लोगों से ‘सिक्योरिटी मनी’ के नाम पर रकम ली जाती थी।
पुलिस ने इस मामले में कथित सरगना ओम प्रकाश समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी श्रीकांत एस. खोटरे के मुताबिक, शुरुआती जांच में करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान सामने आया है।
मामले की जांच बानो और कुरडेग थाना क्षेत्रों के ग्रामीणों की शिकायत के बाद शुरू हुई थी।
पद जितना बड़ा, ‘सिक्योरिटी मनी’ उतनी ज्यादा
पुलिस जांच में कथित ठगी का पूरा पैटर्न सामने आया है। संस्था में अलग-अलग बड़े पद बनाए गए थे और इन पदों पर नियुक्ति के नाम पर अलग-अलग रकम वसूली जाती थी।
जांच के अनुसार—
- स्टेट हेड: 3 लाख रुपये
- डिस्ट्रिक्ट हेड: 1.50 लाख रुपये
- ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर: 60 हजार रुपये
- सेंटर इंचार्ज: 40 हजार रुपये
यानी नौकरी या पद हासिल करने की चाहत रखने वाले व्यक्ति से पहले ही बड़ी रकम जमा कराने का कथित खेल चल रहा था।
WhatsApp पोस्टर बना लोगों को फंसाने का जरिया
पुलिस के अनुसार, कथित नेटवर्क लोगों तक पहुंचने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करता था। आकर्षक पोस्टर और पंपलेट भेजकर नौकरी के साथ बेहतर कमाई का भरोसा दिलाया जाता था।
लोगों को नेटवर्क से जोड़ने के लिए दोगुना इंसेंटिव और कैश प्राइज जैसे लालच भी दिए जाते थे। इसी तरह अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर नेटवर्क का विस्तार किए जाने का आरोप है।
NTT और PTT नियुक्ति के नाम पर भी वसूली
जांच में यह बात भी सामने आई है कि बाल एवं जननी शिक्षा अभियान के नाम पर NTT और PTT की नियुक्ति के लिए भी पैसे लिए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, NTT के लिए करीब 40 हजार रुपये और PTT के लिए 60 हजार रुपये तक वसूले जाने की जानकारी मिली है।
इस तरह अलग-अलग पद और नियुक्तियों के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों से रकम जुटाई गई।
SIT ने तकनीकी साक्ष्यों से खोला नेटवर्क
शिकायतें मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया। वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय रनवीर सिंह और SDPO धर्मदेव पासवान के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
ठगी के पैसों से संपत्ति बनाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि संस्था के जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल निजी संपत्ति और धन अर्जित करने में किया गया।
अब पुलिस आरोपियों की संपत्तियों को अटैच और कुर्क करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है। इसका उद्देश्य कथित तौर पर ठगी के शिकार लोगों की रकम की भरपाई की दिशा में कदम उठाना भी है।
इसके अलावा संस्था से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
सरगना समेत छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में ओम प्रकाश, अशोक साय, एनिस केरकेट्टा, सरोज केरकेट्टा, गोरैती केरकेट्टा और कुन्दन शर्मा को गिरफ्तार किया है।
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
पुलिस की लोगों से अपील
एसपी ने लोगों से अपील की है कि नौकरी, नियुक्ति या किसी बड़े पद का लालच देने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को पैसे देने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करें।
खासकर बिना परीक्षा नौकरी, पहले पैसे जमा करने या WhatsApp के जरिए नियुक्ति जैसे दावों पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।












