LIC Dhan Vriddhi Policy: एलआईसी ने लॉन्च की नई पॉलिसी ‘धनवृद्धि,10 गुना तक मिलेगी बीमा राशि, यहां जानें पूरी डीटेल

नई दिल्ली: सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने आज एक नई क्लोज-एंडेड योजना धन वृद्धि (Dhan Vridhhi) को लॉन्च किया है। एलआई ने एक बयान जारी कर बताया कि यह नई योजना ग्राहको के लिए 23 जून से 30 सितंबर तक बिक्री पर रहेगी।

यह योजना, पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह बीमित व्यक्ति को परिपक्वता की तारीख पर एक गारंटीशुदा एकमुश्त राशि भी प्रदान करता है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

10 गुना तक हो सकती है बीमा राशि

एलआईसी का यह प्लान दो ऑप्शन के साथ आता है। जिसमें मृत्यु पर बीमा राशि या तो 1.25 गुना या दूसरे विकल्प में 10 गुना हो सकती है। अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपकी अधिकतम उम्र 32 से 60 साल तक होनी चाहिए चयनित अवधि पर निर्भर करती है।

इस योजना की न्यूनतम उम्र 10, 15 और 18 वर्षों के लिए उपलब्ध है और प्रवेश के समय न्यूनतम आयु 90 दिन से 8 वर्ष तक होती है, जो चयनित अवधि पर निर्भर करती है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

धन वृद्धि योजना की खासियत

यह पॉलिसी एक जीवन बीमा सिंगल प्रीमियम पॉलिसी है, जो पॉलिसी अवधि के दौरान बचत और सुरक्षा का संयोजन प्रदान करती है. भारतीय जीवन बीमा की वेबसाइट के मुताबिक, यह पॉलिसी प्रति 1,000 रुपये की बीमा राशि पर 75 रुपये तक की अतिरिक्त गारंटी देती है. पॉलिसीधारक धारा 80- सी के तहत टैक्स छूट के लिए पात्र होगा. इसका मतलब है कि इस पॉलिस को खरीदने वाल बीमा धारक 1.5 लाख रुपये तक की छूट पा सकते हैं. पॉलिसीधारक पॉलिसी अवधि के दौरान किसी भी समय सरेंडर कर सकता है।

समय- समय पर नई पॉलिसी पेश करती है LIC

गौरतलब है कि भारतीय जीवन बीमा निगम भारत की प्रमुख बीमा कंपनी है, जो हर वर्ग के लिए बीमा पॉलिसी लॉन्च कर चुकी है. बच्चों से लेकर बुजुर्ग व्यक्ति के लिए इसके पास बीमा प्लान है. लड़कियों के शादी के लिए भी कंपनी प्लान पेश कर चुकी है. वहीं समय-समय पर मार्केट और लोगों की आवश्यकता के आधार पर नई पॉलिसी लेकर आती रहती है.

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close