अफ्रीका में मौत का तांडव, भारत में हाई अलर्ट! इबोला वायरस को लेकर मोदी सरकार की बड़ी चेतावनी, एयरपोर्ट्स पर सख्त निगरानी शुरू

150 से ज्यादा मौतों के बाद केंद्र सरकार सतर्क, विदेश से आने वाले यात्रियों की होगी खास जांच

अफ्रीका में इबोला वायरस ने एक बार फिर डरावना रूप ले लिया है। सेंट्रल अफ्रीका के कई देशों में इस खतरनाक वायरस ने तबाही मचा दी है। अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1000 से अधिक संदिग्ध मामलों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में फैले इबोला संक्रमण को “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न” घोषित कर दिया है।

अफ्रीका में तेजी से फैल रहे इस जानलेवा वायरस को देखते हुए भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। खास तौर पर उन यात्रियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं जो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और साउथ सूडान जैसे हाई रिस्क देशों से भारत आ रहे हैं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज यानी DGHS ने एयरपोर्ट अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि अगर किसी यात्री में बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी-दस्त, गले में खराश या शरीर से खून बहने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर को रिपोर्ट किया जाए। ऐसे यात्रियों की इमिग्रेशन से पहले ही मेडिकल जांच की जाएगी।

इबोला वायरस की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम और अन्य एजेंसियों ने हालात की समीक्षा की है। केंद्र सरकार ने निगरानी व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है और देश के लिए तत्काल खतरा बेहद कम माना जा रहा है।

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फिर भी सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। जारी एडवाइजरी में यात्रियों से हेल्थ स्क्रीनिंग में सहयोग करने की अपील की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमित मरीज के खून या बॉडी फ्लूइड के संपर्क में आया है, तो उस पर विशेष नजर रखी जाए। भारत आने के बाद 21 दिनों के भीतर यदि किसी में लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताने को कहा गया है।

इबोला वायरस को दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में गिना जाता है। ऐसे में अफ्रीका से उठी इस नई स्वास्थ्य चिंता ने भारत समेत कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। एयरपोर्ट्स पर बढ़ी सख्ती और सरकार की चौकसी इस बात का संकेत है कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

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