पारा शिक्षक गुस्से में : विधानसभा घेराव करने पहुंचे पारा शिक्षक को समर्थन देने पहुंचे कई विधायक, पूर्व शिक्षा मंत्री का भारी विरोध,

राँची। वेतनमान सहित अन्य मांगो को लेकर झारखण्ड विधानसभा शीतकालीन सत्र का घेराव कार्यक्रम मे राज्य के बीस हजार से अधिक संख्या मे भाग लिया ।

विधानसभा घेराव का नेतृत्व मोर्चा के अध्यक्षीय मंडल के प्रतिनिधि बिनोद बिहारी महतो ,संजय कुमार दुबे ,सिद्दीक शेेख, हृषिकेश पाठक संयुक्त रूप से कर रहे थे ,सभा का संचालन सुमन कुमार सिंह एवं बेलाल अहमद ने किया ।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

घेराव कार्यक्रम मे पक्ष एव॔ विपक्ष कई विद्यायकों ने अपना समर्थन दिया। सहायक अध्यापको ने सरकार विरोधी नारे लगाया, जैक बोर्ड राशि लेने के बावजूद आकलन प्रमाण पत्र नही दिया जा रहा है ।

बगोदर विधायक ने कहा कि टेट एवं आकलन परीक्षा उत्तीर्ण सहायक अध्यापको को वायदे के अनुरूप वेतनमान मिलना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विधायक अमीत यादव ने कहा कि अल्पसंख्यक विद्यालयों सरकार ने कौन सा आकलन परीक्षा के बाद वेतनमान दे रही है, फिर झााखंंड मे टेट एवं आकलन उत्तीर्ण सहायक अध्यापक को वेतनमान क्यो नही।

विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि चुनावी मांग पत्र घोषणा किया तो वेतनमान देना होगा, जिसने मुख्यमंत्री बनाया,वो अधिकार के लिए भीख मांगे , ये जनता के अधिकार ओर विश्वास का हनन है ।
कार्यक्रम मे पुर्व शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने सहायक अध्यापको के जबरदस्त विरोध के बाद अपना भाषण दिया , उन्होने कहा कि कुछ गलती हुई है।अगर सरकार बनी तो सहायक अध्यापको को वेतनमान दिया जाए।
विधायक मनीष जायसवाल ने भी आंदोलन को समर्थन दिया ।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

क्या है मांग

1) वेतनमान एवं राज्यकर्मी का दर्जा — झारखंड के तमाम सहायक अध्यापकों को बिना विलंब किए अल्पसंख्यक विद्यालय के तर्ज पर वेतनमान (9300—34800) एवं बिहार राज्य के तर्ज पर राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान किया जाए.

(2) आकलन ( दक्षता परीक्षा) / सीटेट को टेट के समतुल्य लाभ देते हुए बिहार राज्य के समान वेतनमान एवं ग्रेड पे दिया जाए।

(3) माननीय दिवंगत शिक्षामंत्री के घोषणा अनुरूप एवं सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली 2021 लागू होने के उपरांत मृत सहायक अध्यापकों के आश्रित को प्रावधान को लचीला कर अनुकम्पा का लाभ एवं कल्याण कोष मे जमा 10 करोड़ से 5 लाख का सहयोग दिया जाए

(4) सहायक अध्यापकों के साथ न्याय करते हुए आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका की तरह सेवानिवृत्त 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए।

(5) 2018 में पूर्व की सरकार के समय आंदोलन में सहायक अध्यापकों के ऊपर दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस किया जाए ।

(6) दिवंगत शिक्षामंत्री स्वर्गीय जगरनाथ महतो जी की घोषणा के अनुरूप EPF मार्च 2022 से तत्काल लागू किया जाए। (वर्तमान में EPF की फाइल माननीय वित्त मंत्री के पास विगत चार महीना से लंबित है)

(7) सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावाली 2021 मे संसोधन कर नगर निगम एवं शहरी क्षेत्र के सहायक अध्यापकों के लिए मानदेय में 4% वार्षिक वृद्धि हेतु स्पष्ट आदेश जारी करने के साथ समझौते के अनुसार सेवा-,पुस्तिका का संधारण एवं प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापको के अवकाश संबंधित स्वीकृति हेतु प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को अधिकूत किया जाए।

8) सूबे में जारी सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में व्याप्त खामियों को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल प्रभाव से नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित किया जाए एवं 20 वर्षों से काम कर रहे सहायक अध्यापको को बहाल किया जाए।

विधानसभा शीतकालीन सत्र के घेराव कार्यक्रम मे संघर्ष मोर्चा के बिनोद तिवारी, प्रधुमन कुमार सिंह, विकास कुमार चौधरी, विरेन्द्र राय ,नरोत्तम सिंह मुण्डा, निरंजन कुमार दे, सुशील कुमार पांडेय, नेली लुकस, जया रानी, अभिलाषा झा, शकील अहमद, भागवत तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित थे ।

Related Articles

close