BJP के गढ़ में प्रशांत किशोर का बड़ा धमाका! बांकीपुर में 25वें राउंड तक 14,953 वोटों की बढ़त, जीत करीब
31 में से 25 राउंड की गिनती पूरी, जन सुराज के प्रशांत किशोर मजबूत स्थिति में। दतिया में कांग्रेस आगे, मांजलपुर में BJP की बढ़त बरकरार।

नई दिल्ली। बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर जीत की ओर मजबूती से बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। 31 राउंड की मतगणना में 25 राउंड पूरे होने तक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार पर 14,953 वोटों की बढ़त बना ली है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रशांत किशोर को अब तक 50,976 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 36,023 वोट प्राप्त हुए हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी तीसरे स्थान पर बनी हुई हैं।
BJP के मजबूत गढ़ में बदली तस्वीर
बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन करते थे। उनके इस्तीफे के बाद हुए इस उपचुनाव में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे प्रशांत किशोर ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया।
यदि अंतिम राउंड तक यह बढ़त बरकरार रहती है तो यह जन सुराज पार्टी की पहली विधानसभा जीत होगी और बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
दतिया में कांग्रेस, मांजलपुर में BJP आगे
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी मतगणना जारी है। 15 राउंड की गिनती में 7 राउंड पूरे होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह भाजपा के आशुतोष तिवारी से 3,295 वोटों से आगे चल रहे हैं। आज़ाद समाज पार्टी के दामोदर यादव ‘मंडल’ तीसरे स्थान पर हैं।
वहीं गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतेंद्रभाई (सतीश) पटेल ने मजबूत बढ़त बना रखी है। 19 में से 17 राउंड पूरे होने तक उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी पर करीब 28 हजार वोटों की बढ़त हासिल कर ली है।
बांकीपुर क्यों बना सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला?
इस बार का बांकीपुर उपचुनाव इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि पहली बार देश के चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में उतरे। भाजपा के परंपरागत गढ़ में उनकी चुनौती ने इस उपचुनाव को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया।
अब सभी की निगाहें अंतिम मतगणना पर टिकी हैं। यदि शुरुआती रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह न सिर्फ प्रशांत किशोर के राजनीतिक करियर की पहली चुनावी जीत होगी, बल्कि जन सुराज पार्टी के लिए भी ऐतिहासिक पल साबित होगा।









