सुरक्षा पर सवाल: रिम्स में 20 जवान सोते रहे दरवाजे व खिड़की के रॉड काट उग्रवादी फरार, दो सब इंस्पेक्टर को शोकॉज जारी

रांची: रिम्स से कैदी वार्ड से शनिवार रात दो कैदी बाथरूम के दरवाजे और खिड़की के रॉड काटकर फरार हो गए। इनमें एक गुमला का हार्डकोर उग्रवादी अमित उरांव और दूसरा हजारीबाग का मशहूर खान है। अमित के साथ गुमला के दो पुलिसकर्मी मोहन माली और राजेंद्र उर्फ और मसरूर के साथ हजारीबाग के पुलिसकर्मी मुनेश्वर भारती हो सोनू लाल हादसा वहां मौजूद थे। पुलिस की जांच में पाया गया कि हजारीबाग जिला बल का हवलदार सोमलाल हांसदा ड्यूटी के दौरान सो रहा था। रांची पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर हजारीबाग एसपी ने उसे निलंबित कर दिया है। वहीं दूसरी ओर रांची जिला के सब इंस्पेक्टर नवीन कुमार और कोर्निलियस बिलुंग को एसएसपी ने शो- कॉज किया है।

आमिर को किडनी की पथरी का इलाज कराने के लिए यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था विभाग के हेड डॉ अरशद जमाल की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। वही मसरूर मेडिसिन विभाग में भर्ती था। अमित और मसरूर ने पहले बाथरूम के दरवाजे का रॉड काटा। फिर खिड़की का रॉड काट कर भाग निकले। रात में जब घटना हुई उस समय कैदी वार्ड में करीब 20 कैदी और 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे लेकिन सभी सोते रह गए और अमित वह मसरूर भाग निकले। रविवार को इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू हुई है। लेकिन देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला है।

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तैनात सुरक्षाकर्मियों पर है सुरक्षा की जिम्मेदारी

कैदी वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी ही रिम्स प्रबंधन की है। सुरक्षा का जिम्मा सुरक्षाकर्मियों का है। वार्ड में डॉक्टर,नर्स और पारा मेडिकल कर्मियों के प्रवेश से पहले उनकी पहचान और जांच की जिम्मेदारी भी सुरक्षाकर्मियों की है। वार्ड में क्या भेजा जा रहा है, इसकी जांच की जिम्मेदारी भी उनकी ही है।

डॉ हिरेंद्र बिरुआ, अधीक्षक रिम्स

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कैदी वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

भागने के लिए शौचालय के जिस रॉड को काटा गया, वह क्षतिग्रस्त भी हो गया था। अगर रॉड काटा गया, तो काटने के लिए हेक्सा ब्लेड कहां से आया। या रॉड कमजोर होने से दोनों कैदियों ने मिलकर इसे तोड़ दिया। इससे पूर्व भी रिम्स के वार्ड से कुछ लोग इलाज के दौरान भाग चुके हैं। 28 अप्रैल 2022 को रिम्स से पुलिस को चकमा देकर हजारीबाग से लाया गया आरोपी मो वारिस भाग निकला था, लेकिन बाद में वह पकड़ा गया। इसी तरह इलाज के दौरान 2021 में कृष्ण मोहन झा भाग निकला था, लेकिन वह बाद में पकड़ा गया।

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