दारोगा की मौत से मची सनसनी : ट्रांसफर के बाद चार्ज देने गये दारोगा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, फरवरी में ही हुआ था तबादला

The death of a police inspector caused a sensation: The inspector who had been transferred to take charge after his transfer died under suspicious circumstances; he had been transferred in February.

दारोगा वीरेंद्र कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे मालखाने का प्रभार सौंपने थाने पहुंचे थे, जहां बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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Daroga Death : ट्रांसफर के बाद चार्ज देने गये दारोगा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी। दारोगा नाम वीरेंद्र कुमार है, जिनका हाल के दिनों में तबादला हुआ था। ट्रांसफर के बाद वो चार्ज सौंपने गये थे, लेकिन इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गयी, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूरा मामला बिहार की राजधानी पटना के सुलतानगंज थाना का है।

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जानकारी के मुताबिक नालंदा जिले के रहने वाले दारोगा वीरेंद्र कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने बिहार पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। 58 वर्षीय वीरेंद्र कुमार की मौत उस समय हो गई जब वे सुल्तानगंज थाना में मालखाने का प्रभार सौंपने पहुंचे थे। वे थाने के बाथरूम में बेहोशी की हालत में पाए गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र कुमार का हाल ही में तबादला पटना से नालंदा किया गया था। वे मूल रूप से गिरियक थाना क्षेत्र के मंगर बिगहा गांव के निवासी थे। वर्तमान में उनकी तैनाती बिहार शरीफ पुलिस लाइन में थी। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वे पूर्व पदस्थापन स्थल सुल्तानगंज थाना में मालखाने का प्रभार सौंपने पहुंचे थे।

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मृतक के पुत्र अभिमन्यु कुमार ने बताया कि उनके पिता का फरवरी में तबादला हुआ था और दो वर्ष बाद वे सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने कहा कि पदभार सौंपने की प्रक्रिया के दौरान अचानक वे थाने के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी। गिरियक थाना पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य पटना पहुंचे। परिजनों ने जब शव को देखा तो हाथ, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान पाए। परिवार का कहना है कि संभवतः अचानक चक्कर खाकर गिरने से ये चोटें आई होंगी, क्योंकि वे पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं थे।

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हालांकि, परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।दारोगा वीरेंद्र कुमार ने अपने लंबे पुलिस करियर में बिहार के कई जिलों में सेवाएं दी थीं। उन्होंने भागलपुर, दरभंगा, बेगूसराय और पटना में कार्य किया था।

सहकर्मियों के अनुसार वे कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और अनुशासित अधिकारी थे। उनकी अचानक मृत्यु से पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त है।मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्रों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनका एक पुत्र भारतीय सेना में कार्यरत है, जबकि दो पुत्र व्यवसाय के साथ-साथ पढ़ाई कर रहे हैं।

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