पत्नी की हत्या के आरोप में पति भागा-भागा फिर रहा था…उधर बीबी, प्रेमी संग काट रही थी मौज, खुला राज तो पुलिस भी रह गयी दंग

झांसी। जिस पत्नी की हत्या के जुर्म में पति भागा-भागा फिर रहा था, वो पत्नी अपनी आशिक के घर मिली। अजीबो-गरीब मामला यूपी के झांसी का है। रक्सा थाना क्षेत्र के डेली गांव की रहने वाली सुखवती कुशवाहा ने करीब डेढ़ महीने पहले झांसी के अपर जज के न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया था। उसने बताया था कि उसकी बेटी छाया और उसके दो बच्चों की हत्या ससुराल वालों ने करके लाश को गायब कर दिया है।
इस हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए कई बार थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था।मगर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया. जब बात कोर्ट के संज्ञान में आई, तो उन्होंने झांसी पुलिस को फटकार लगाते हुए मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही अभियुक्तों को गिरफ्तार करने का आदेश भी दिया था। इसकी खबर मिलते ही पति फरार हो गया और पत्नी की तलाश में जुट गया था।
कोर्ट के आदेश पर झांसी के रक्सा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की, तो पता चला कि हत्या का यह मामला ही फर्जी है। महिला जिंदा है और इस मामले की जांच में उसकी प्रेम कहानी का खुलासा हो गया। पुलिस की मानें, तो सुखवती ने दी अपनी शिकायत में कहा था कि उसकी बेटी छाया और उसके बच्चों की उसके पति चंदन कुशवाहा, उसके भाई मनोज और विनोद, मां कलावती और एक अन्य ने मिलकर हत्या कर दी है।
मामले की जांच के दौरान पता चला कि छाया मध्यप्रदेश के सीहोर में हैं. वहां से छाया और उसके दो बच्चों को बरामद कर लिया गया है। छाया की शादी साल 2016 में दतिया मध्यप्रदेश के रहने वाले चंदन से हुई थी. शादी के कुछ सालों तक, तो सब ठीक चलता रहा. मगर, उनके दांपत्य जीवन को ग्रहण तब लग गया, जब छाया के मायके झांसी के ग्राम डेली में किराए से रहने के लिए सोबरन साहू आया. वह मध्यप्रदेश की करैरा तहसील का रहने वाला था। छाया अक्सर अपने ससुराल से मायके आया जाया करती थी।
इस दौरान दोनों की मुलाकात हुई और फिर दोनों को प्यार हो गया. छाया और सोबरन के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी, जिसे छाया के पति चंदन ने भी देखा. इसको लेकर चंदन और छाया के बीच झगड़ा भी होता था। इन्हीं झगड़े के कारण एक दिन छाया को चंदन उसके मायके डेली गांव में घर से कुछ दूर छोड़ कर अपने घर दतिया वापस लौट गया था. छाया कुछ दिन मायके में रही और एक दिन किसी को कुछ बताए बिना सोबरन साहू के साथ भाग गई।












