9 महीने का इंतजार खत्म…झारखंड के 10 हजार सहायक आचार्यों को जल्द मिलेगा वेतन…CM हेमंत सोरेन के आदेश से बड़ी राहत
The 9-Month Wait Ends... 10,000 Assistant Teachers in Jharkhand to Receive Salaries Soon... Major Relief Following CM Hemant Soren's Orders.

रांची। करीब 10 हजार नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब जल्द भुगतान मिलने वाला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने वेतन भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के मुताबिक जून के पहले सप्ताह से शिक्षकों के खातों में वेतन भेजने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ये शिक्षक पिछले कई महीनों से राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें वेतन नहीं मिला था।
प्रमाणपत्र जांच के कारण अटका था भुगतान
दरअसल इन सहायक आचार्यों की नियुक्ति झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से हुई थी। नियुक्ति के बाद उनके शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों की जांच पूरी नहीं हो पाई थी, जिसके कारण वेतन भुगतान रुका हुआ था।
हाल ही में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक में यह मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने रखा गया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रमाणपत्रों की जांच कराना विभाग की जिम्मेदारी है, शिक्षकों की नहीं। यदि शिक्षक नियमित रूप से विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं तो उनका वेतन रोका नहीं जाना चाहिए।
मई में सभी लंबित प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रमाणपत्र जांच सहित सभी लंबित प्रक्रियाएं मई महीने में पूरी कर ली जाएं और वेतन भुगतान तत्काल शुरू किया जाए। इसके बाद विभाग ने सभी जिलों और संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
पहली बार बने हैं सहायक आचार्य के पद
राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पहली बार सहायक आचार्य के नए पद बनाए गए हैं। पहले चरण में लगभग 10 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की अनुशंसा पर चयनित 316 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे हैं। इसके अलावा करीब एक हजार अन्य चयनित अभ्यर्थियों को भी जल्द नियुक्ति पत्र देने की तैयारी चल रही है।
हालांकि फिलहाल वेतन भुगतान की शुरुआत पहले चरण में नियुक्त शिक्षकों से की जाएगी।
सरकार के फैसले से शिक्षकों में खुशी
लगातार नौ महीने तक वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षक संगठनों और नवनियुक्त सहायक आचार्यों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। इस मुद्दे को कई बार सरकार और विभाग के सामने उठाया गया था।
अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद वेतन भुगतान का रास्ता साफ होने से शिक्षकों में राहत का माहौल है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद मिला यह फैसला उनके लिए बड़ी आर्थिक राहत लेकर आया है और इससे वे पूरी लगन के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे।












