स्कूलों की समय सारिणी में होगा बदलाव: शिक्षा सचिव के साथ प्रदेश संयुक्त मोर्चा की बैठक में बनी सहमति, इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

राँची। विद्यालय की समय सारिणी में बदलाव हो सकता है। सोमवार को झारखंड प्रदेश संयुक्त मोर्चा के साथ शिक्षा सचिव की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान विद्यालय समय सारणी के अनुरूप वार्षिक कैलेंडर के निर्माण हेतु शिक्षक प्रतिनिधियों की राय पर सहमति बनाई गई।

बैठक में प्रमुख रूप से विद्यालय समय सारणी एवं वार्षिक कैलेंडर पर चर्चा परिचर्चा के उपरांत प्रातः कालीन समय पूर्वाहन 7:00 बजे से अपराहन 1:00 बजे तक एवं दीवाकालीन समय पूर्वाहन 9:00 बजे से अपराहन 3:00 बजे तक ही विद्यालय का संचालन किया जाएगा एवं खेल की घंटी सप्ताह में 2 दिन दो लगातार पीरियड में खेल की घंटी आयोजित की जायेगी, जिसका आयोजन विधालय स्तर पर होगी, प्रत्येक शनिवार को विद्यालय स्तर पर बेग लेश डे के रूप में संचालित किया जा सकता है एवं मध्यान भोजन का समय प्रात: कालीन विद्यालय में 10: 20 बजे एवं दिवाकालीन विद्यालय में 12: 20 बजे का समय निर्धारित किया गया है।

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इससे पहले स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के सचिव के रवि कुमार के निर्देशानुसार झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी जयंत मिश्रा के आमंत्रण पर झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में शामिल हुआ।आई उक्त बैठक में विद्यालय समय सारणी के अनुरूप वार्षिक कैलेंडर के निर्माण हेतु शिक्षक प्रतिनिधियों की राय पर सहमति बनाई गई।

बैठक में सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के रवि कुमार, प्रशासी पदाधिकारी जयंत मिश्रा, उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा शिवेंद्र कुमार, झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के संयोजक विजय बहादुर सिंह, अमीन अहमद, प्रदेश मीडिया प्रभारी अरुण कुमार दास, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष अनूप केसरी, वीनू विनीता, बेतूल मैडम सहित कई शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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सचिव महोदय ने राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विकास कोष की राशि से स्वच्छ पेयजल व्यवस्था अथवा अन्य विकास के कार्य कराने का निर्देश दिया।

मोर्चा के द्वारा राज्य के मध्य विद्यालयों में विकास कोष की राशि बढ़ाने की मांग पर सचिव ने इस पर अपनी सहमति जताते हुए विकास कोष की राशि बढ़ाने की बात कही है ।

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ई विधावाहिनी के नए वर्जन 2.2.6 में मैनुअल व्यवस्था को पुनः बहाल करने की मांग पर सचिव ने असहमति जताई, फलस्वरूप मोर्चा ने विभाग को उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस प्रेषित करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि निदेशक,जे.ई.पी.सी.के पत्रांक MIS/06/2023/183/1305 दिनांक 13/04/2023 द्वारा निर्गत विभागीय आदेश, झारखंड आधार आधारित बायोमेट्रिक नियमावली 2015 के नियमों का उल्लंघन है साथ ही उक्त आदेश नियमावली के अनुरूप विभागीय क्षेत्राधिकार के बाहर है l ये जानकारी झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी अरूण कुमार दास ने दी।

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