बारिश में Yellow, Orange या Red Alert… आखिर कौन सा रंग है सबसे खतरनाक? जानिए IMD कैसे तय करता है ये चेतावनी
Weather Alert: सिर्फ बारिश की मात्रा नहीं, खतरे का भी संकेत देता है अलर्ट का रंग; जानिए Yellow से Red Alert तक का पूरा मतलब

नई दिल्ली: जब मौसम विभाग किसी इलाके के लिए Yellow, Orange या Red Alert जारी करता है, तो अक्सर लोगों का ध्यान सिर्फ इस बात पर जाता है कि बारिश कितनी होगी या तापमान कितना बढ़ेगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन रंगों के पीछे सिर्फ मौसम का आंकड़ा नहीं, बल्कि संभावित खतरे और उसके असर का पूरा आकलन छिपा होता है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मौसम की किसी घटना की संभावना के साथ-साथ यह भी देखता है कि उसका आम लोगों की जिंदगी, यातायात और बुनियादी ढांचे पर कितना असर पड़ सकता है। इसी आधार पर अलर्ट का रंग तय किया जाता है।
यही वजह है कि एक जैसी बारिश का अनुमान होने के बावजूद दो अलग-अलग इलाकों के लिए अलग-अलग रंग का अलर्ट जारी किया जा सकता है।
सबसे पहले समझिए Yellow Alert का मतलब
Yellow Alert यानी ‘सचेत रहें’।
इसका मतलब यह नहीं कि इलाके में तत्काल कोई बड़ा खतरा आने वाला है। यह संकेत देता है कि मौसम में बदलाव या खराब मौसम की संभावना है और लोगों को मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।
बारिश के मामले में आम तौर पर 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश का अनुमान होने पर येलो अलर्ट की स्थिति बन सकती है।
इस दौरान निचले इलाकों में जलजमाव जैसी परेशानी हो सकती है।
Orange Alert मतलब अब तैयारी का वक्त
Orange Alert यानी ‘तैयार रहें’।
यह Yellow Alert से अधिक गंभीर स्थिति को दर्शाता है। ऐसे मौसम में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है और प्रशासन को भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी करनी पड़ सकती है।
भारी बारिश के मामले में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश का अनुमान Orange Alert की स्थिति बना सकता है।
इस दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव, बाढ़ और यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
Red Alert का मतलब सबसे गंभीर चेतावनी
अब बात आती है Red Alert की।
इसका अर्थ है कि मौसम की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है और लोगों को तत्काल सुरक्षा उपाय करने की जरूरत पड़ सकती है।
भारी बारिश के मामले में 204.5 मिलीमीटर से अधिक बारिश का अनुमान होने पर अत्यंत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इससे गंभीर बाढ़, भूस्खलन और बड़े नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
यानी आसान भाषा में समझें तो:
Yellow = सावधान रहें
Orange = तैयार रहें
Red = तत्काल सुरक्षा उपाय करें
गर्मी में भी ऐसे तय होता है अलर्ट
मौसम विभाग गर्मी के दौरान सिर्फ तापमान नहीं देखता। तापमान कितना है, सामान्य से कितना ज्यादा है और भीषण गर्मी कितने समय तक रह सकती है—इन बातों को भी ध्यान में रखा जाता है।
कंटेंट के अनुसार:
- Yellow Alert: मैदानी इलाकों में तापमान करीब 40°C से 43°C तक पहुंचने की स्थिति।
- Orange Alert: तापमान 43°C से 45°C के बीच रहने या कई दिनों तक भीषण गर्मी बने रहने की संभावना।
- Red Alert: तापमान 45°C से ऊपर जाने या लंबे समय तक खतरनाक लू चलने की स्थिति।
ऐसे हालात में हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
समुद्री तूफान में रंगों का क्या मतलब?
समुद्री तूफान के दौरान अलर्ट तय करते समय सिर्फ हवा की गति नहीं देखी जाती। तूफान कितने समय में पहुंचेगा और तटीय इलाकों में कितना नुकसान हो सकता है, इसका भी आकलन किया जाता है।
Yellow Alert
संभावित तेज हवाओं और खराब समुद्री मौसम को लेकर पहले से सचेत किया जाता है।
Orange Alert
हवा की रफ्तार बढ़ने और तटीय इलाकों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।
Red Alert
यह बेहद खतरनाक स्थिति का संकेत होता है। इसमें विनाशकारी हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची तूफानी लहरों के तट से टकराने का खतरा हो सकता है।
एक ही बारिश, फिर अलग-अलग अलर्ट क्यों?
यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि अगर दो शहरों में बारिश की मात्रा लगभग समान है तो एक जगह Yellow और दूसरी जगह Orange Alert क्यों?
इसका कारण है Impact-Based Forecasting यानी असर-आधारित पूर्वानुमान।
मौसम विभाग यह भी देखता है कि किसी मौसम की घटना का स्थानीय परिस्थितियों में क्या असर पड़ेगा। किसी इलाके में थोड़ी बारिश भी जलभराव या यातायात की समस्या पैदा कर सकती है, जबकि दूसरे क्षेत्र में उतनी ही बारिश का असर कम हो सकता है।
अगली बार Alert का रंग देखकर सिर्फ बारिश मत गिनिए
Yellow, Orange और Red Alert केवल मौसम की तीव्रता नहीं बताते, बल्कि संभावित जोखिम की गंभीरता का संकेत भी देते हैं।
इसलिए जब मौसम विभाग Red या Orange Alert जारी करे तो उसे सिर्फ एक सामान्य मौसम अपडेट न समझें। स्थानीय प्रशासन की सलाह और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखना ज्यादा जरूरी है।












