थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड: थाने में जवान की आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन, चार पर गिरी गाज, जांच के बाद हो सकती है और भी कड़ी कार्रवाई

सिमडेगा। थाने में सिपाही की आत्महत्या मामले में थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। दरअसल गुरुवार को कोलेबिरा थाना में पदस्थ जवान सत्यजीत कच्छप ने आत्महत्या कर ली थी। थाना परिसर में हुई इस घटना के बाद महकमें में हड़कंप मच गया था। जांच के आदेश के बाद खुद DIG और SP थाना पहुंचकर जांच में जुटे थे।
प्रथम दृष्टिया मामेलम दोषी पाते हुए कोलेबिरा थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। अंशु कुमार झा को कोलेबिरा थाना का नया प्रभारी बनाया गया है।जवान सत्यजीत कच्छप को पुलिसकर्मियों के द्वारा थाने लाये जाने के दौरान जवान सत्यजीत के पास ही मौजूद हथियार को जब्त नहीं किया गया था और बाद में उसी हथियार से सत्यजीत कच्छप ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
इस पूरे मामले की जांच में यह बात सामने आयी है कि सत्यजीत कच्छप को थाना लाए जाने के क्रम में अगर उससे हथियार जब्त कर लिया जाता तो इस आत्महत्या की घटना नहीं घटती।
क्या है पूरा मामला
1 नवंबर की शाम जवान सत्यजीत कच्छप बिना छुट्टी लिए और बिना बताए बैरक से हथियार लेकर अपने गृह निवास इटकी चला गया था। 2 नवंबर घर से चार पहिया वाहन लेकर सत्यजीत लौट रहा था। इसी दौरान इसी क्रम में लसिया के समीप सड़क किनारे खड़े लसिया निवासी रमेश साहू और जितेंद्र साहू को कार से ठोकर मार दी और भागने लगा।
जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कुछ लोगों ने पीछा कर कार को रोका। जिसके बाद हुए झगड़े में सत्यजीत ने हवाई फायरिंग कर दी। जवान सत्यजीत कच्छप भी कार को वहीं पर छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। जंगल की ओर जाकर जवान की खोजबीन करने लगे. काफी खोजबीन के बाद जवान उनके हाथ लगा. पुलिस उसे लेकर अपने साथ लेकर थाना पहुंची थी। गुरुवार की रात करीब 8:15 बजे कोलेबिरा थाना परिसर में ही पुलिस जवान सत्यजीत कच्छप ने खुद को गोली मार ली थी।












