झारखंड के बड़कागांव में उस समय हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया, जब मॉरिशस से एक खास मेहमान अपने पैतृक गांव पहुंचीं। डॉ हरीश बुद्धू की बेटी सचिता बुद्धू गुरुवार, 12 फरवरी को अपने पति अजय बुद्धू के साथ बड़कागांव प्रखंड के सिमरातरी गांव पहुंचीं। यह गांव उनका पैतृक गांव है, जहां उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था।
Sachita Budhoo ancestral village visit की खुशी में ग्रामीणों ने एक दिन के लिए खेती-बारी और दैनिक कामकाज तक बंद कर दिए। पूरे इलाके को सजाया गया और गांव में दिवाली जैसा माहौल देखने को मिला। रांची एयरपोर्ट से लेकर गांव की गलियों तक उनका स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया, जिसने दंपती को भावुक कर दिया।
पैतृक गांव पहुंचकर सचिता बुद्धू ने कहा कि अपनी “माटी” में आकर उन्हें गहरी शांति और अपनापन महसूस हुआ। उन्होंने ग्रामीणों के प्रेम और स्नेह के लिए आभार जताया और वादा किया कि वह भविष्य में भी बार-बार अपने गांव आती रहेंगी। साथ ही उन्होंने गांववासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने की बात कही।
विश्रामपुर चौक से बाजे-गाजे के साथ शुरू हुई अगवानी यात्रा के दौरान सचिता भावुक हो गईं। गांव के शिव और हनुमान मंदिर में माथा टेककर उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संकल्प दोहराया।
गौरतलब है कि सचिता बुद्धू का यह दौरा पूरी तरह गैर-राजनीतिक था। उनका उद्देश्य केवल अपने परिवार, संस्कृति और मूल स्थान से जुड़ना था। Sachita Budhoo ancestral village visit ने यह संदेश दिया कि सात समंदर पार बसने के बावजूद प्रवासी भारतीयों का अपनी जड़ों से रिश्ता आज भी उतना ही मजबूत और जीवंत है।