Aaj Ka Panchang 1 March 2026: मार्च का पहला प्रदोष आज! रवि पुष्य योग में पूजा का दुर्लभ संयोग, चूक गए तो फिर इंतज़ार लंबा

प्रदोष काल 6:21 से 8:50 बजे तक, बन रहे हैं 3 महाशुभ योग… जानें सही समय और अशुभ घड़ी

Aaj Ka Panchang 1 March 2026: आज 1 मार्च 2026, रविवार का दिन सामान्य नहीं है। फाल्गुन मास की शुक्ल त्रयोदशी पर आज रवि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। खास बात यह है कि आज एक साथ रवि योग, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसा संयोग हर बार नहीं मिलता।

यदि आज पूजा का समय चूक गए तो फल अधूरा रह सकता है। इसलिए जानिए आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और प्रदोष काल का सटीक समय।

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 तिथि, वार और नक्षत्र की स्थिति

आज का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है।

 सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति

  • सूर्योदय: सुबह 06:46 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 06:21 बजे

  • चंद्रोदय: शाम 04:16 बजे

  • चन्द्रास्त: 2 मार्च सुबह 06:00 बजे

 प्रदोष काल का सटीक समय (सबसे महत्वपूर्ण)

 प्रदोष काल: शाम 06:21 बजे से रात 08:50 बजे तक

इसी समय भगवान शिव की पूजा, दीपदान और शिव चालीसा/महामृत्युंजय मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी रहेगा।

 आज के महाशुभ योग

  • रवि पुष्य योग: सुबह 06:46 बजे से 08:34 बजे तक

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:46 बजे से 08:34 बजे तक

  • रवि योग: सुबह 08:34 बजे से 2 मार्च सुबह 06:45 बजे तक

ये योग धन, सफलता और बाधा निवारण के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

 1 मार्च के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:07 से 05:57 सुबह

  • अभिजित मुहूर्त: 12:10 से 12:57 दोपहर

  • विजय मुहूर्त: 02:29 से 03:16 दोपहर

  • गोधूलि मुहूर्त: 06:18 से 06:43 शाम

  • निशिता मुहूर्त: 2 मार्च 12:08 से 12:58 रात्रि

 इन अशुभ समय में सावधान रहें

  • राहुकाल: 04:54 से 06:21 शाम

  • यमगण्ड: 12:34 से 02:00 दोपहर

  • गुलिक काल: 03:27 से 04:54 दोपहर

  • दुर्मुहूर्त: 04:48 से 05:35 शाम

  • वर्ज्य: 08:59 से 10:32 रात्रि

 विशेष ज्योतिषीय संकेत

  • दिशा शूल पश्चिम दिशा में है।

  • उत्तरायण जारी है।

  • वसंत ऋतु का प्रभाव, वैदिक गणना से शिशिर ऋतु।

  • शिववास शाम 07:09 बजे तक नंदी पर, उसके बाद भोजन में माना जाएगा।

 क्यों खास है आज का दिन?

रवि प्रदोष व्रत स्वयं में शिव कृपा का माध्यम माना जाता है, लेकिन जब यह रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ आए तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

ज्योतिष मान्यता के अनुसार आज प्रदोष काल में की गई पूजा:

  • आर्थिक बाधाएं दूर कर सकती है

  • दांपत्य जीवन में मधुरता ला सकती है

  • पुराने कर्ज और मानसिक तनाव कम कर सकती है

 ध्यान रखें: राहुकाल और दुर्मुहूर्त में शुभ कार्य टालें। प्रदोष काल में दीप जलाकर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना अत्यंत फलदायी रहेगा।

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