पहाड़ों के बीच सियासी हलचल तेज… सिक्किम में आज क्या बड़ा होने वाला है? 4000 करोड़ की सौगात के साथ पीएम मोदी का मेगा रोड शो
50वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक दौरा, गंगटोक में कड़ी सुरक्षा के बीच कई बड़े ऐलान

गंगटोक। देश की राजनीति का फोकस आज अचानक पहाड़ों की ओर मुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर सिक्किम पहुंच रहे हैं, जहां वे राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर कई बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरे को लेकर राजधानी गंगटोक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
प्रधानमंत्री दोपहर करीब तीन बजे गंगटोक पहुंचेंगे और लिबिंग हेलीपैड पर उतरने के तुरंत बाद लोक भवन तक एक भव्य रोड शो करेंगे। इस रोड शो को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सतर्क नजर आ रही हैं।
इस दौरे की सबसे बड़ी बात यह है कि प्रधानमंत्री राज्य को 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि जैसे कई अहम क्षेत्रों से जुड़ी हैं, जिनका असर आने वाले समय में पूरे राज्य पर देखने को मिल सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नामची जिले के यांगांग में 100 बेड वाले आयुर्वेद अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे एनआईटी देओराली में 30 बिस्तरों वाले एकीकृत सोवा रिग्पा अस्पताल का उद्घाटन भी करेंगे, जिससे पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च किए जाएंगे। इनमें यांगांग में सिक्किम विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर, चाकुंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्टता विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ब्लॉक, गंगटोक जिले के सोचेगांग में हेलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज और ग्यालशिंग जिले के डेंटम में डेंटम प्रोफेशनल कॉलेज शामिल हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री राज्य के विभिन्न हिस्सों में मॉडल आवासीय स्कूल, एक नया डिग्री कॉलेज और मठवासी छात्रावास-सह-कक्षा का उद्घाटन करेंगे। खास बात यह भी है कि सिक्किम के 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम शैक्षिक ढांचे की शुरुआत की जाएगी, जिससे शिक्षा प्रणाली को डिजिटल मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दूसरे दिन गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का भी दौरा करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम को सिक्किम के विकास के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है, लेकिन पहाड़ों में बढ़ती हलचल और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था ने इस दौरे को और भी ज्यादा चर्चा में ला दिया है।












