25 दिन तक पुलिस को देती रही चकमा… आखिर कैसे ‘कैसर कॉलोनी’ से दबोची गई TCS धर्मांतरण केस की मास्टरमाइंड? Inside Story ने खोले राज

नई दिल्ली। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS धर्मांतरण मामले में 25 दिनों से पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई मुख्य आरोपी निदा खान आखिरकार गिरफ्तार हो गई। लेकिन उसकी गिरफ्तारी की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं बताई जा रही। पुलिस ने इस बार ऐसा जाल बिछाया कि लगातार बच निकल रही निदा खान के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा।
सूत्रों के मुताबिक, नासिक पुलिस को एक बेहद गोपनीय सूचना मिली थी कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके की कैसर कॉलोनी में किराए के फ्लैट में छिपी हुई है। खास बात ये थी कि वह अकेली नहीं थी, बल्कि उसके परिवार के कई सदस्य भी उसके साथ मौजूद थे। ऐसे में पुलिस को डर था कि जरा सी भनक लगते ही आरोपी फिर फरार हो सकती है।
यही वजह रही कि पुलिस ने इस बार अपनी पूरी रणनीति बदल दी। खाकी वर्दी उतार दी गई, पुलिस जीप गायब कर दी गई और 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी आम लोगों की तरह इलाके में फैला दिए गए। कोई राहगीर बनकर घूमता रहा तो कोई स्थानीय निवासी बनकर नजर रखता रहा। तीन से चार दिनों तक पूरे इलाके की हर हलचल पर गुप्त निगरानी रखी गई।
तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग से जब पुलिस को पूरी तरह यकीन हो गया कि निदा खान उसी फ्लैट में मौजूद है, तब ऑपरेशन शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से ठीक पहले निदा खान कुछ वकीलों से कानूनी सलाह ले रही थी और हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी भी चल रही थी। लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही ऐसा दबिश अभियान चलाया कि वह संभल तक नहीं पाई।
गुरुवार 7 मई को पुलिस ने अचानक फ्लैट को घेर लिया और निदा खान को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के वक्त उसके साथ पांच अन्य लोग भी मौजूद बताए जा रहे हैं। देर रात उसे सुतगिरनी चौक स्थित न्यायिक अधिकारी के सरकारी आवास पर पेश किया गया, जहां से नासिक पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया।
बताया जा रहा है कि निदा खान पिछले 25 दिनों से लगातार ठिकाने बदल रही थी और पुलिस को चकमा दे रही थी। लेकिन इस बार पुलिस ने बिना शोर किए ऐसा ऑपरेशन चलाया कि पूरी कॉलोनी को भनक तक नहीं लगी और मुख्य आरोपी सीधे पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गई।
निदा खान पर आरोप है कि उसने TCS के नासिक ऑफिस में कई कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। साल 2021 से कंपनी में प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर काम कर रही निदा को आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने सस्पेंड कर दिया था।
इस मामले में उसने खुद को गर्भवती बताते हुए गिरफ्तारी से राहत मांगने की कोशिश भी की थी, लेकिन कोर्ट ने उसकी मांग खारिज कर दी। अब तक इस केस में कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें सबसे चर्चित नाम निदा खान का माना जा रहा है।









