झारखंड शिक्षक भर्ती में नकल कराने वाले आब्जर्बर को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने कहा, ये गंभीर श्रेणी का अपराध, परीक्षा केंद्र में …
Observer who facilitated cheating in Jharkhand teacher recruitment denied bail; court terms it a serious offense, noting that at the exam center...

रांची। शिक्षक भर्ती के दौरान नकल कराने के मामले में आरोपी को राहत नहीं मिली है। झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में कथित गड़बड़ी और नकल कराने के मामले में जेल में बंद आरोपी पर्यवेक्षक अविनाश कुमार को अदालत से बड़ा झटका दिया है। रांची की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है।अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
परीक्षा केंद्र में मिली थी पर्ची
प्राथमिकी के अनुसार 8 मई 2026 को महलोंग स्थित वीरुपाक्ष डिजिटल हब परीक्षा केंद्र में आयोजित परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी के पास से संदिग्ध पर्ची बरामद हुई थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।जांच के दौरान परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें पर्यवेक्षक अविनाश कुमार और एक अन्य व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने अभ्यर्थियों के बयान भी दर्ज किए, जिनमें आरोपी पर अनुचित तरीके से परीक्षा में मदद करने के आरोप सामने आए।
कोर्ट ने माना मामला गंभीर
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अभ्यर्थी के बयानों से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आरोपी की भूमिका परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग को बढ़ावा देने वाली रही है।कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह मामला परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीर श्रेणी का अपराध माना जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी जमानत दिए जाने के लिए आवश्यक कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं कर पाया है।
टाटासिलवे थाने में दर्ज है मामला
आपको बतादें कि इस पूरे मामले में टाटासिलवे थाना कांड संख्या 54/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और परीक्षा में शामिल अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेगा।









