OMG! जिस पैर में नहीं था दर्द… डॉक्टरों ने उसी पर चला दिया चाकू, ऑपरेशन थिएटर से बाहर आते ही मच गया हड़कंप

राजस्थान के जोधपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अस्पतालों की लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां इलाज कराने पहुंची 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला को शायद अंदाजा भी नहीं था कि ऑपरेशन थिएटर के अंदर उसके साथ ऐसी गलती हो जाएगी, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।
मामला जोधपुर के मथुरादास माथुर यानी एमडीएम अस्पताल का है, जहां पैर में फ्रैक्चर की शिकायत लेकर भर्ती हुई महिला का डॉक्टरों ने उस पैर का ऑपरेशन कर दिया जिसमें कोई तकलीफ ही नहीं थी। जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी मिली, अस्पताल में हंगामा मच गया और मामला देखते ही देखते तूल पकड़ गया।
परिजनों का आरोप है कि महिला के एक पैर में फ्रैक्चर था, लेकिन ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों ने स्वस्थ पैर पर चीरा लगा दिया। ऑपरेशन के बाद जब सच्चाई सामने आई तो परिवार के लोग सदमे में आ गए। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत जांच कमेटी गठित की। शुरुआती जांच में सामने आया कि ऑपरेशन के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में इसे गंभीर मानवीय चूक माना गया है।
जांच रिपोर्ट आते ही प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए आर्थोपेडिक विभाग के सहआचार्य डॉ. रामाकिशन चौधरी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया। उन्हें अब जयपुर स्थित चिकित्सा शिक्षा विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले में अन्य स्टाफ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
हालांकि आरोपी डॉक्टर ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका दावा है कि महिला के दोनों पैरों में फ्रैक्चर था और मेडिकल प्लानिंग के तहत दोनों का ऑपरेशन होना था। डॉक्टर का कहना है कि पहले जरूरी पैर का ऑपरेशन किया गया। लेकिन जांच कमेटी डॉक्टर की इस दलील से संतुष्ट नहीं दिखी और इसे बड़ी लापरवाही माना गया।
इस पूरी घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं बुजुर्ग महिला के परिजन इंसाफ की मांग कर रहे हैं। अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।












