स्वास्थ्य विभाग: आयुष मेले में दिखा कुप्रबंधन…ऑटो चालक के भरोसे छोड़ गायब हुए व्यवस्थापक… दोपहर में बांटा खराब पुड़ी सब्जी

धनबाद प्रखंड स्तरीय दो दिवसीय आयुष मेले का आयोजन गोविंदपुर प्रखंड में उत्क्रमित उच्च विद्यालय बोरियो (उर्दू ) गोविंदपुर के मैदान संपन्न हुआ। प्रखंड अध्यक्ष शारदा देवी ने विधिवत मेले का उद्घाटन किया। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर एच रहमान, जिला आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ निर्मला सिन्हा के साथ-साथ मुखिया, उप मुखिया, उप प्रमुख, वार्ड पार्षद, 20 सूत्री अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

वहीं बलियापुर प्रखंड के +2 हाई स्कूल के मैदान में आयोजित आयुष मेला में का विधिवत उद्घाटन प्रखंड अध्यक्ष शारदा देवी द्वारा किया गया। मौके पर सिविल सर्जन धनबाद डॉक्टर आलोक विश्वकर्मा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राहुल कुमार, 20 सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष पिंकी देवी, उप प्रमुख जेएसएलपीएस कार्यक्रम प्रबंधक, सभी पंचायत सचिव उपस्थित थे।
होम्योपैथिक, यूनानी,योगा, एनसीडी, परामर्श सामान्य चिकित्सा, चिकित्सा कैंसर की जांच,आरटीआई, तंबाकू, एसटीआई, त्वचा की जांच एवं औषधीय पौधों के बारे में भी जानकारी दी गई। मेले में गोविंदपुर में कुल 164 और बलियापुर में कुल 200 रोगियों की निशुल्क जांच एवं औषधि प्रदान की गई। मेले के राज्य में पदाधिकारी डॉक्टर जफर इकबाल भी उपस्थित थे।

मेले में प्रबंधन की दिखी कमी
अव्यवस्था का आलम इस कदर दिखा की न तो मेले में जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी दिखे, न नोडल पदाधिकारी दिखे। हां ,मेले के उद्घाटन के समय सिविल सर्जन के सामने ये पदाधिकारी ने उपस्थिति अवश्य दर्ज कराई। मेले के आयोजन में जबरदस्त तैयारी का दंभ भरने के वायदे की हवा हवाई हो गई। मसलन स्वास्थ्य शिविर में प्रतिनियुक्ति कर्मियों को भी खड़े खड़े ड्यूटी करनी पड़ रही थी। 1लाख 90 हजार की राशि आखिर किस मद में खर्च की गई ये समझ से परे है।

स्टॉल की कमी
स्वास्थ्य मेले में बनाए गए स्टॉल की भरी कमी देखी जा रही थी।इस वजह से एक ही स्टॉल में दो -तीन विभाग को जगह दी गई थी। जिससे ग्रामीण इलाके पहुंचे रोगी को अपनी समस्या बताने में काफी झिझक हो रही थी। जगह की कमी के कारण स्वास्थ्य कर्मी भी समुचित तरीके से अपना काम नहीं कर पा रहे थे।

प्रचार प्रसार की दिखी कमी
सुदूर ग्रामीण इलाके में मेले के आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना और देशी चिकित्सा को बढ़ावा देना था परंतु मेले में पहुंचने वाले लाभुक की संख्या कम रही। स्कूल प्रांगण में मेले के आयोजन से पढ़ने वाले छात्र छात्रों की संख्या ही स्टॉल पर दिखाई दे रही थी।

स्वास्थ्य कर्मियों को दोपहर में दिया बासी पुड़ी सब्जी, जिला आयुष पदाधिकारी और नोडल पदाधिकारी मेले से गायब
HPBL की ग्राउंड रिपोर्टिंग में पता चला की दोपहर में मेले में प्रतिनियुक्ति कर्मियों को बासी पुड़ी और सब्जी पैकेट में बंद कर दे दिया गया। कर्मी पुड़ी और सब्जी की क्वालिटी बेहद खराब रहने से दिया गया पैकेट फेंक रहे थे। गोविंदपुर में मेले का संचालन और व्यवस्था झरिया के ऑटोचालक जो क्षेत्र में माइकिंग का काम कर रहे थे उनके जिम्मे देकर आयुष पदाधिकारी डा निर्मला सिन्हा और नोडल पदाधिकारी डा संजय राय मौके से नदारद दिखे। ये सोच कर अंदाजा लगाया जा सकता है की कुप्रबंधन किस स्तर तक पहुंच गया होगा।

आधे कर्मी को मिला बासी पैकेट आधे को वो भी नहीं
1 लाख 90 हजार की राशि में प्रचार प्रसार, टेंट, खानपान, दवा से लेकर अन्य सभी खर्चे का ब्यौरा स्पष्ट रहता है। बाबजूद इसके ग्राउंड रिपोर्टिंग में सुबह के वक्त 2 कचोड़ी और 1 स्वीट्स दिया गया। दोपहर में बासी 6 पुड़ी – सब्जी और स्वीट्स दिया गया। मैदान में खाना फेंका हुआ दिखा जिससे स्पष्ट था की जो कर्मी और चिकित्सक किसी वीआईपी के आगमन पर भोजन की क्वालिटी चेक करने में लगाए जाते है उन्हे स्थानीय नास्ते की दुकान से दोपहर में लंच के बजाय बासी पैकेट दिया गया। जिससे कर्मियों में खासा नाराजगी दिखाई दी।

दवा कंपनी का प्रचार लगाया पर दवा दिया किसी को नही
स्टॉल में आयुर्वेदिक कंपनी की तरफ से स्टॉल पर दवा तो जरूर रखा पर वो दिया किसी को नही जा रहा था।वजह पूछने पर पता चला की चिकित्सक के पर्चे के बाद ही दवा दी जायेगी। मसलन ग्रामीण के लिए न पर्चा बना,न दवा मिली। इन सब के बीच सबसे ज्यादा भीड़ सामान्य चिकित्सा में देखी गई। सामान्य चिकित्सा की दवा संबंधित chc से उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें कुछ गिने चुने दवा ही स्टॉल पर नजर आए।
संविधान दिवस पर बीडीओ ने खिलाई शपथ
संविधान दिवस के मौके पर उद्घाटन के समय मौजूद जन प्रतिनिधि, चिकित्सक, कर्मी, ग्रामीण सभी को संविधान की आत्मसात कर संविधान के प्रति निष्ठावान बने रहने की शपथ दिलाई।












