पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही फूटा राहुल गांधी का गुस्सा, बोले- अभी तो 3 रुपये का झटका है… असली वसूली बाकी!

तेल संकट के बीच बढ़ती महंगाई पर सियासी आग, राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा

देश में पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खाड़ी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद होने के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच पेट्रो कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए, जिसके बाद सियासी पारा भी चढ़ गया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गुस्से भरे अंदाज में लिखा, “गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। 3 रुपये का झटका आ चुका है, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

दरअसल, अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद होने की वजह से खाड़ी देशों से तेल और गैस सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका असर सीधे भारत समेत कई देशों की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ रहा है। इसी बीच पेट्रो कंपनियों ने 15 मई की सुबह पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी। वहीं CNG के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं।

नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 106.68 रुपये, कोलकाता में 108.74 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल और CNG के बढ़े दामों का असर अब रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से महंगाई और बढ़ेगी, जिससे आम जनता की कमर टूट सकती है। कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम थे, तब सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय उनसे वसूली की।

इसी बीच कांग्रेस ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले का भी विरोध किया है। सरकार ने आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बाद सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। कांग्रेस का आरोप है कि इस फैसले से करोड़ों छोटे सुनारों, कारीगरों और मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है।

पार्टी का दावा है कि ज्वेलरी सेक्टर देश की GDP में करीब 7 प्रतिशत योगदान देता है और लाखों MSME इससे जुड़े हैं। ऐसे में लगातार बढ़ती महंगाई, ईंधन संकट और आयात शुल्क में इजाफे ने विपक्ष को सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा दे दिया है।

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