रसोई पर महंगाई का हमला! अचानक उछले सरसों- सोयाबीन तेल के दाम, अब खाने की थाली भी पड़ सकती है भारी

बाजार में मचा हड़कंप, तेल के बढ़ते भाव ने बिगाड़ा घर का बजट... लेकिन एक तेल ने दी थोड़ी राहत

रसोई का खर्च संभाल रहे लोगों के लिए इस हफ्ते बाजार से चिंताजनक खबर सामने आई है। खाने वाले तेलों की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर सरसों, सोयाबीन, पाम ऑयल और बिनौला तेल के दामों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे अब किचन का बजट फिर से डगमगाने लगा है।

हालांकि इस महंगाई के बीच एक छोटी राहत भी मिली है। गुजरात से नई फसल आने की खबरों के चलते मूंगफली तेल के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन बाकी तेलों की तेजी ने बाजार का पूरा माहौल गर्म कर दिया है।

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बताया जा रहा है कि खाने वाले तेलों की कीमतों में इस उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा असर कमजोर होते रुपये का माना जा रहा है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया करीब 96 के स्तर तक पहुंचने से विदेशों से तेल आयात करना महंगा पड़ रहा है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा सरकार द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने से भी बाजार में हलचल बढ़ गई है। कच्चे पाम तेल और सोयाबीन डीगम तेल पर ड्यूटी बढ़ने के बाद व्यापारियों और प्लांट मालिकों ने खरीद कीमतें बढ़ा दी हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई प्लांट्स द्वारा ऊंचे दामों पर खरीदारी किए जाने से बाजार में तेजी और मजबूत हो गई।

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सबसे ज्यादा चर्चा सरसों तेल की हो रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बाकी तेलों की तुलना में सरसों तेल अभी भी अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है, इसलिए इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि सरसों दाना और तेल दोनों के दामों में बड़ा उछाल देखा गया।

पिछले एक हफ्ते में सरसों दाना करीब 175 रुपये प्रति क्विंटल महंगा होकर 7,175 से 7,200 रुपये तक पहुंच गया। वहीं सरसों तेल में 500 रुपये की तेज बढ़ोतरी हुई और इसका भाव 14,850 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा।

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सोयाबीन की कीमतों ने भी लोगों को चौंकाया है। सोयाबीन दाना 350 रुपये महंगा होकर 7,300 से 7,350 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वहीं सोयाबीन दिल्ली तेल 150 रुपये की तेजी के साथ 15,825 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया।

कच्चे पाम तेल यानी CPO में 225 रुपये और पामोलीन तेल में 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिनौला तेल भी 400 रुपये महंगा होकर 15,650 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है।

हालांकि मूंगफली तेल उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है। मूंगफली तिलहन 125 रुपये सस्ता हुआ है, जबकि गुजरात में मूंगफली तेल 250 रुपये तक गिर गया है।

इस बीच बाजार विशेषज्ञों ने सूरजमुखी की खेती लगभग खत्म होने पर भी चिंता जताई है। कभी देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर होने वाली सूरजमुखी खेती अब तेजी से गायब होती जा रही है। जानकारों का कहना है कि किसानों को सही दाम नहीं मिलने और नीतिगत अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी है।

अब सवाल यही उठ रहा है कि अगर खाने वाले तेलों की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में आम आदमी की थाली पर महंगाई की मार और कितनी भारी पड़ने वाली है।

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