Hariyali Teej 2026: कब है हरियाली तीज? जानें शुभ तिथि, पूजा विधि, व्रत के नियम और क्या करें- क्या नहीं
हरियाली तीज का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। जानिए 2026 में हरियाली तीज की सही तारीख, धार्मिक महत्व, पूजा विधि और व्रत से जुड़े जरूरी नियम।

Hariyali Teej 2026: कब है हरियाली तीज?
हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पावन मिलन का प्रतीक माना जाता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने की प्रार्थना करती हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। वर्ष 2026 में हरियाली तीज 12 अगस्त, बुधवार को मनाई जाएगी।
हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी पावन मिलन की स्मृति में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख-समृद्धि बनी रहती है तथा परिवार में खुशहाली का वास होता है।
हरियाली तीज 2026 पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले स्नान करें और हरे या लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- पूजा में सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी, बिंदी, चुनरी, काजल और अन्य सुहाग सामग्री अर्पित करें।
- व्रत का संकल्प लेकर माता गौरी का पूजन करें।
- भगवान शिव को बेलपत्र, जल, धतूरा, भांग और अक्षत अर्पित करें।
- हरियाली तीज व्रत कथा का श्रवण या पाठ अवश्य करें।
- पूजा के अंत में परिवार के सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करें।
हरियाली तीज पर क्या करें?
- भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें।
- व्रत के नियमों का श्रद्धापूर्वक पालन करें।
- जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
- माता-पिता और घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
- घर में सकारात्मक और शांत वातावरण बनाए रखें।
हरियाली तीज पर क्या नहीं करें?
- काले या गहरे नीले रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
- क्रोध, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
- पूजा जल्दबाजी में न करें, पूरे मन और श्रद्धा से शिव-पार्वती का स्मरण करें।
हरियाली तीज का उत्सव
इस दिन महिलाएं मेहंदी लगाती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं, नए वस्त्र पहनती हैं और सावन के गीत गाते हुए झूला झूलती हैं। कई घरों में घेवर, मालपुआ, खीर और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। यह पर्व प्रेम, सौभाग्य और पारिवारिक खुशहाली का संदेश देता है।









