Koderma Crime News:चाची 420 गैंग: ‘लेडी 420’ निकली लूट गैंग की मास्टरमाइंड! चाची करती थी रेकी, फिर चाचा-भतीजा उड़ाते थे लाखों के गहने
कोडरमा में व्यवसायी से ज्वेलरी लूट मामले का खुलासा। चाची सामान बेचने के बहाने रेकी करती थी, फिर पति और भतीजा बाइक से लाखों के गहने उड़ाते थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर सभी जेवर बरामद किए।

Koderma Lady 420 Loot Gang। झारखंड के कोडरमा में चाची-420 गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। चाची रेकी करती थी और फिर चाचा-भतीजा का गैंग लाखों के गहने उड़ा लेता था। कोडरमा जिले में हाईप्रोफाइल ज्वेलरी लूटकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस पूरे गिरोह की सबसे चौंकाने वाली कड़ी एक महिला निकली, जो पहले सामान बेचने के बहाने इलाके की रेकी करती थी और फिर अपने पति व भतीजे को बुलाकर लाखों रुपये के गहनों पर हाथ साफ करा देती थी। पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटे गए शत-प्रतिशत आभूषण भी बरामद कर लिए हैं।
‘चाची 420’ बनकर करती थी रेकी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिला टिंक्कल दास बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देती थी। वह अलग-अलग इलाकों में सामान बेचने के बहाने घूमती, व्यापारियों और ग्राहकों की गतिविधियों पर नजर रखती और आसान शिकार की तलाश करती थी।जैसे ही उसे उपयुक्त टारगेट मिलता, वह अपने पति राजू दास और भतीजे धनराज प्रधान को सूचना देती। इसके बाद दोनों पल्सर बाइक से मौके पर पहुंचकर कुछ ही मिनटों में लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।
ऐसे बना व्यवसायी को निशाना
पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने बताया कि 6 जुलाई को टिंक्कल दास ट्रेन से कोडरमा पहुंची थी। उसने चंदवारा निवासी व्यवसायी अशोक सोनी की गतिविधियों की रेकी की और उन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई। इसके बाद उड़ीसा से उसका पति और भतीजा बाइक लेकर कोडरमा पहुंचे। उरवां स्थित पेट्रोल पंप के पास दोनों ने व्यवसायी की बाइक की डिक्की खोलकर आभूषणों से भरा बैग उड़ा लिया और फरार हो गए।
डिक्की खोलने की ‘मास्टर-की’ से देते थे वारदात को अंजाम
गिरोह की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इनके पास एक विशेष टी-आकार की लोहे की ‘मास्टर-की’ थी, जिसकी मदद से वे कुछ ही सेकेंड में बाइक की डिक्की खोल देते थे। लोगों को भनक तक नहीं लगती थी और आरोपी आसानी से फरार हो जाते थे।
SIT ने ऐसे दबोचा पूरा गिरोह
लूटकांड के बाद चंदवारा थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।जांच के दौरान पता चला कि आरोपी उड़ीसा के जाजपुर जिले में छिपे हुए हैं। कोडरमा पुलिस ने वहां छापेमारी कर राजू दास और धनराज प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर कोडरमा रेलवे जंक्शन से भागने की फिराक में खड़ी टिंक्कल दास को भी दबोच लिया गया।
दिल्ली-मुंबई पुलिस भी तलाश रही थी गिरोह
एसपी के अनुसार, यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था। दिल्ली और मुंबई जैसी महानगरों की पुलिस भी इनकी तलाश में उड़ीसा तक छापेमारी कर चुकी थी, लेकिन मजबूत तकनीकी साक्ष्यों और सटीक रणनीति के दम पर कोडरमा पुलिस ने आखिरकार इस शातिर गैंग को गिरफ्तार कर लिया।
भारी मात्रा में जेवर और सामान बरामद
आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इनमें पायल, चेन, अंगूठियां, बिछिया, बच्चों के कंगन, लॉकेट, नथिया, ताबीज समेत कई अन्य जेवर शामिल हैं।इसके अलावा पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल, मास्टर-की, मोबाइल फोन, ज्वेलरी मापक यंत्र और आभूषणों से भरा बैग भी जब्त किया है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने झारखंड के अलावा किन-किन राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।









