झारखंड: चार लोगों के हत्यारे को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज
झारखंड हाईकोर्ट ने सिमडेगा के चर्चित चारहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो दोषियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों ने सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान जमानत की मांग की थी।झारखंड हाईकोर्ट ने सिमडेगा के चारहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग की जमानत याचिका खारिज कर दी। उनकी अपील अभी अदालत में लंबित है।

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने चार हत्या के आरोपी को राहत नहीं दिया है। सिमडेगा के चर्चित चारहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो दोषियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग की जमानत याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। दोनों दोषियों ने सिमडेगा की निचली अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। अपील लंबित रहने के दौरान उन्होंने अंतरिम राहत के तौर पर जमानत की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
जुलाई 2025 में सुनाई गई थी सजा
दरअसल सिमडेगा की निचली अदालत ने जुलाई 2025 में इस मामले में पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग को चार लोगों की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।इसी मामले में मुख्य दोषी संजय सोरेंग को दोषसिद्धि के बाद मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई गई थी।
जमीन विवाद में हुई थी चार लोगों की हत्या
अभियोजन के अनुसार, 17 मई 2018 को पाकरटांड़ थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर राकेश सोरेंग और आरोपितों के बीच विवाद हुआ था।आरोप है कि विवाद के दौरान नेस्तोर सोरेंग की टांगी से हमला कर हत्या कर दी गई। इसके बाद आरोपित घर में घुस गए और राकेश सोरेंग, उनकी पत्नी कारमेला सोरेंग तथा उनके पांच वर्षीय पुत्र फिलमोन सोरेंग की भी टांगी से हमला कर हत्या कर दी।घटना के बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हाईकोर्ट में लंबित है अपील
पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अपील के अंतिम निर्णय तक जमानत देने का अनुरोध अदालत ने अस्वीकार कर दिया है।











